Plug-in Device भी बन सकते हैं हैकिंग का जरिया! नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता


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  • सुरक्षित रहने को सिस्टम अपडेट करें, अनजान डिवाइस से बचें।

Plug-in Device Cyber Attack: ऑनलाइन दुनिया में अब लोगो काफी एडवांस हो चुके हैं. नई-नई टेक्नोलॉजी ने लोगों के कामों को बहुत आसान बना दिया है. इसके अलावा आज मार्केट में कई सारे स्मार्ट प्रोडक्ट्स मौजूद हैं जिनका लोग घरों में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसी के साथ-साथ साइबर अपराध भी काफी तेजी से हो रहे हैं. अब ठग लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए अनोखे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे प्ल-इन-डिवाइस भी हैकिंग का एक आसान जरिया बन सकता है.

नई रिसर्च में हुआ खुलासा

जानकारी के लिए बता दें कि ये बात एक रिसर्च में सामने आई है. दरअसल, ये शोध यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है. इस रिसर्च में ये पता चला है कि किसी भी प्लग इन डिवाइस के जरिए साइबर हमलावर आपके सिस्टम पर अटैक कर सकते हैं. साथ ही आपके सिस्टम पर कंट्रोल पर ले सकते हैं.

ऐसे हुआ टेस्ट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस टेस्ट को कई वैज्ञानिकों ने मिलकर किया है. दरअसल, शोधकर्ताओं ने Thunderclap नाम की एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म को तैयार किया था. इसके बाद उन्होंने इसे USB-C पोर्ट के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट किया. बता दें कि इसका मकसद ये पता लगाना था कि क्या कोई हमलावर प्लग इन डिवाइस का इस्तेमाल करके सिस्टम को हैक कर सकता है या नहीं.

चार्जर और प्रोजेक्टर भी बन सकते हैं हथियार

बता दें कि पहले माना जाता था कि सिर्फ नेटवर्क कार्ड या ग्राफिक्स कार्ड जैसे हार्डवेयर से ही इस तरह के साइबर हमले किए जा सकते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. इस स्टडी में ये सामने आया है कि चार्जर, डॉकिंग स्टेशन और यहां तक कि प्रोजेक्टर जैसे नॉर्मल डिवाइस से भी साइबर अटैक करना मुश्किल नहीं है.

इन सिस्टम पर भी पड़ा असर

टेस्ट के दौरान ये सामने आया है कि Thunderbolt पोर्ट वाले कई कंप्यूटर जिनमें Windows, macOS, Linux और FreeBSD जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम चल रहे थे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में हमलावर पूरे कंप्यूटर पर कंट्रोल तक हासिल कर सकते हैं.

DMA अटैक कैसे पहुंचाता है नुकसान?

रिसर्च के अनुसार, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और नेटवर्क कार्ड जैसे कुछ हार्डवेयर Direct Memory Access (DMA) का इस्तेमाल करते हैं. इसी टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके अटैकर्स सिस्टम की मेमोरी तक पहुंच जाते हैं और आपकी निजी जानकारी को चुरा लेते हैं. इतना ही नहीं, अटैकर्स आपके पूरे सिस्टम को भी अपने कंट्रोल में कर सकते हैं.

खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे साइबर हमलों से बचने के लिए यूजर्स को कुछ खास चीजों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. उनका मानना है कि यूजर्स को अपने कंप्यूटर में मिलने वाले सभी सेफ्टी अपडेट समय पर इंस्टॉल करने चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि Apple, Microsoft और अन्य कंपनियों द्वारा जो अपडेट जारी किए जाते हैं वे सिस्टम में मौजूद खामियों को दूर करते हैं और साथ ही ऐसे साइबर हमलों से भी आपके डिवाइस को सुरक्षित रखते हैं. इसके अलावा किसी भी अनजान USB-C डिवाइस को अपने कंप्यूटर से कनेक्ट न करें.

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