- हर तीसरा पॉडकास्ट अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार हो रहा है।
- AI जनरेटेड पॉडकास्ट सूचना देने पर केंद्रित, मनोरंजन पर नहीं।
- ऑथेंटिसिटी, क्वालिटी और ओरिजिनैलिटी को लेकर AI पॉडकास्ट चिंतित।
- मानवीय स्पर्श की कमी के कारण AI पॉडकास्ट का भविष्य अनिश्चित।
AI Podcasts: पिछले कुछ समय से पॉडकास्ट का चलन बढ़ा है और लोग अब हर टॉपिक को पॉडकास्ट में डिस्कस कर रहे हैं. इसी बीच एक चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है. नई टेक्नोलॉजी के आ जाने के बाद अब हर तीसरा पॉडकास्ट एआई से तैयार किया जा रहा है. शुरुआत में लोगों ने एक्सपेरिमेंट के तौर पर एआई से पॉडकास्ट बनाने शुरू किए थे, लेकिन अब यह ट्रेंड बनता जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब लगभग एक तिहाई पॉडकास्ट एआई से जनरेट किए हुए हैं. आइए जानते हैं कि AI Podcasts को लेकर चिंता क्यों जताई जा रही है.
लगातार बढ़ रहे हैं एआई जनरेटेड पॉडकास्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग एक तिहाई पॉडकास्ट फीड एआई जरनेटेड है. एक समय पर यह आंकड़ा लगभग 39 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जब एक दिन में एआई से लगभग 39 प्रतिशत पॉडकास्ट क्रिएट किए गए थे. औसतन यह आंकड़ा 35.4 प्रतिशत है, जो यह दिखाता है कि रोजाना एआई से सैकड़ों पॉडकास्ट जनरेट किए जा रहे हैं. पिछले साल एक एआई जनरेटेड पॉडकास्ट ‘The Epstein Files’ ने भी खूब धूम मचाई थी. इसके दो एपिसोड आए थे और ये पॉडकास्ट चार्ट पर टॉप पर रहा था. अब एआई सिस्टम के एडवांसमेंट और रिफाइन होने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है, जो इससे जुड़ी चिंताओं को भी बढ़ा रही है.
AI Podcasts किन लोगों को पसंद आ रहे हैं?
अगर ट्रेडिशनल पॉडकास्ट की बात करें तो पर्सनैलिटी और स्टोरीटेलिंग पर इनका फोकस रहता है, लेकिन एआई पॉडकास्ट के मामले में ऐसा नहीं है. एआई पॉडकास्ट से उन लोगों को टारगेट किया जा सकता है, जिन्हें एंटरटेनमेंट की जगह इंफोर्मेशन की जरूरत होती है. यह NotebookLM जैसे टूल की तरह काम करता है, जो क्रिएटिविटी की जगह किसी मुश्किल टॉपिक को आसान बनाने के काम आता है.
AI Podcasts को लेकर क्या चिंताएं हैं?
एआई पॉडकास्ट को लेकर सबसे बड़ी चिंता ऑथेंटिसिटी की है. इंटरनेट के दौर में जब फर्जी जानकारी का अंबार लगा है, ऐसे में इन पॉडकास्ट के जरिए ऐसी सूचनाओं को एम्प्लिफाई भी किया जा सकता है. इसके अलावा क्वालिटी, ऑरिजनैलिटी और ऑडियंस डिमांड को लेकर भी सवाल बने हुए हैं. अभी एआई पॉडकास्ट की बाढ़ आई हुई है, लेकिन क्या इन्हें सुनने के लिए लोग मिलेंगे, यह भी देखा जाना बाकी है. एआई पॉडकास्ट में सिर्फ मुद्दे की बात हो सकती है, लेकिन इसमें ह्युमन टच की कमी रहती है.
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