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डेटिंग ऐप्स का राजा बंबल (Bumble) अपने ऐप में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रहा है. 2026 की पहली तिमाही में पेइंग यूजर्स की संख्या 21% गिरने के बाद कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है. अब कंपनी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और क्लाउड टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर यूजर्स को उनके स्वभाव के हिसाब से बेहतर मैच ढूंढने में मदद करेगी. कंपनी का लक्ष्य ‘स्वाइपिंग’ कल्चर को खत्म कर लोगों को असल जिंदगी में मिलवाना है.

डेटिंग ऐप बंबल के पेइंग यूजर कम हुए हैं.
डेटिंग की दुनिया में मशहूर ऐप बंबल (Bumble) इन दिनों एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है. हाल ही में कंपनी ने अपने 2026 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिनसे पता चलता है कि ऐप पर पैसे देकर सर्विस लेने वाले यूजर्स की संख्या में कमी आई है. पिछले साल जहां बंबल के पास 40 लाख पेइंग यूजर्स थे, वहीं अब यह संख्या 21.1% गिरकर 32 लाख रह गई है. हालांकि, कंपनी इस गिरावट से घबराने के बजाय इसे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बता रही है. कंपनी का कहना है कि वे अब भीड़ जुटाने के बजाय ऐसे गंभीर यूजर्स पर ध्यान दे रहे हैं जो वाकई में किसी खास से मिलना चाहते हैं.
भले ही बंबल के यूजर्स कम हुए हैं और इसकी कुल कमाई 14.1% गिरकर 212.4 मिलियन डॉलर रह गई है, लेकिन कंपनी के लिए एक राहत की बात भी है. हर पेइंग यूजर से होने वाली औसत कमाई में लगभग 9% की बढ़ोतरी हुई है. इसका मतलब है कि जो लोग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे इस पर पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं. इसके अलावा, सेल्स और मार्केटिंग के खर्चों में कटौती करके कंपनी ने अपना मुनाफा भी बढ़ाया है. इस तिमाही में कंपनी को 52.6 मिलियन डॉलर का शुद्ध मुनाफा हुआ है, जो पिछले साल इसी समय केवल 19.8 मिलियन डॉलर था.
बंबल की फाउंडर और सीईओ व्हिटनी वोल्फ हर्ड (Whitney Wolfe Herd) ने निवेशकों से बात करते हुए कहा, “पिछले कुछ महीनों से कंपनी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने जानबूझकर अपने मेंबर्स की लिस्ट को रीसेट किया है. हमने मात्रा से ज्यादा क्वालिटी को महत्व देने का फैसला किया है ताकि हमारे प्लेटफॉर्म पर सही नीयत वाले और एक्टिव लोग ही रहें. इस फैसले से संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन हमारे ऐप का माहौल काफी बेहतर हुआ है.”
एआई (AI) से बदलेगी डेटिंग
बंबल अब अपने पुराने पुराने सिस्टम को हटाकर क्लाउड (Cloud) आधारित एक नया एआई (AI) सिस्टम ला रहा है. क्लाउड और AI का मतलब है कि अब ऐप इंटरनेट पर मौजूद बहुत शक्तिशाली कंप्यूटरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करेगा ताकि लोगों को उनकी पसंद के हिसाब से बेहतर पार्टनर ढूंढने में मदद मिल सके. कंपनी का मानना है कि केवल प्रोफाइल स्वाइप (Swipe) करने का तरीका अब पुराना हो गया है, क्योंकि अक्सर मैच होने के बाद भी लोग असल जिंदगी में मिल नहीं पाते.
इस समस्या को हल करने के लिए बंबल ‘बी’ (Bee) नाम का एक नया एआई मैचमेकर लाया है. यह फीचर यूजर की पसंद, उनके बात करने के तरीके और वे कैसा रिश्ता चाहते हैं, इन सब बातों को समझकर उन्हें सही लोग सुझाएगा. यहां तक कि डेट्स (Dates) नाम के एक फीचर में यह एआई लोगों को यह भी समझाएगा कि वे एक-दूसरे के लिए सही क्यों हैं. कंपनी का लक्ष्य है कि लोग सिर्फ ऐप पर चैट न करें, बल्कि बाहर जाकर असल में डेट्स पर मिलें. इसके लिए प्रोफाइल को भी अब ज्यादा विस्तार से दिखाया जाएगा, ताकि आप सामने वाले को बेहतर तरीके से समझ सकें.
फ्रेंडशिप और ग्रुप्स पर बढ़ता फोकस
सिर्फ डेटिंग ही नहीं, बंबल अब फ्रेंडशिप कराने में भी काफी आगे बढ़ रहा है. कंपनी का एक और ऐप है बंबल बीएफएफ (Bumble BFF), जहां लोग नए दोस्त बना सकते हैं. इसमें ग्रुप्स (Groups) नाम का एक नया फीचर जोड़ा गया है, जहां लोग साथ मिलकर चैट कर सकते हैं या किसी इवेंट का प्लान बना सकते हैं. व्हिटनी वोल्फ हर्ड के मुताबिक, जे़न-जी (Gen Z) लड़कियों के बीच यह फीचर काफी पॉपुलर हो रहा है और इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या दिसंबर से मार्च के बीच लगभग दोगुनी हो गई है. बंबल को उम्मीद है कि साल की आखिरी तिमाही तक जब ये सभी नए बदलाव पूरी दुनिया में लागू हो जाएंगे, तो यूजर्स और कमाई दोनों में फिर से तेजी आएगी.
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मलखान सिंह पिछले 17 वर्षों से ख़बरों और कॉन्टेंट की दुनिया में हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम प्रोफाइल में जुड़ा है. लगभग 4 साल से News18Hindi के साथ काम कर रहे …और पढ़ें