यह सिर्फ पुराने फोन में ही नहीं, बल्कि सैमसंग, श्याओमी, पिक्सल, वनप्लस और ओप्पो जैसे नए फोन में भी देखी जा रही है. बता दें कि ज्यादातर मामलों में यह कोई सॉफ्टवेयर खराबी या वायरस नहीं होता, बल्कि बैटरी से जुड़ी एक सामान्य तकनीकी वजह होती है. आज हम आसान भाषा में समझेंगे कि आखिर ऐसा क्यों होता है.

सबसे पहली बात समझनी जरूरी है कि फोन में बैटरी का जो परसेंटेज दिखता है, वो किसी टैंक में भरे पेट्रोल की तरह सीधा नहीं नापा जाता. यह एक अंदाजा होता है, जो बैटरी की वोल्टेज, करंट फ्लो, तापमान और पुराने इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर लगाया जाता है. लीथियम-आयन बैटरी, जो लगभग हर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होती है, एक जैसी रफ्तार से डिस्चार्ज नहीं होती, खासकर जब वो पुरानी हो जाए, इसलिए फोन का सिस्टम लगातार अपने अंदाजे को सुधारता रहता है. यही वजह है कि कई बार यह नंबर अचानक उछल या गिर जाता है.