सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें! कितने साल में निकलेगा पूरा खर्च?


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  • अच्छे पैनल 20-25 साल चलते, सब्सिडी रिकवरी तेज़ करती।

Solar Panel: सोलर एनर्जी आज के समय में काफी तेजी से लोगों के बीच में फेमश हो रही है. बढ़ती बिजली की कीमतों के बीच अब ज्यादातर लोग अपने घरों में सोलर पैनल का इस्तेमाल करने लगे हैं. लेकिन सोलर पैनल लगवाते समय अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि कितने समय में सोलर पैनल लगावने की लागत की भरपाई हो जाएगी. आइए समझते हैं पूरा जोड़-गणित.

सोलर पैनल की कीमत किन चीजों पर निर्भर करती है?

जानकारी के अनुसार, सोलर सिस्टम की लागत सिर्फ पैनल की कीमत से तय नहीं होती है. इसमें सोलर पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग, इंस्टॉलेशन और दूसरे डिवाइसेज का खर्च भी शामिल होता है. अगर आप बैटरी वाला सिस्टम लगाते हैं तो कुल लागत और भी बढ़ सकती है.

वहीं, सरकारी सब्सिडी मिलने पर सोलर पैनल लगवाने का शुरूआती खर्च काफी कम हो जाता है. इसलिए किसी भी सिस्टम का फाइनल बजट तय करने से पहले अपने राज्य और लागू योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए.

3kW सोलर सिस्टम

3kW सोलर सिस्टम नॉर्मल परिवारों के लिए एक ज्यादा बेहतर ऑप्शन होता है. ये फ्रिज, पंखे, टीवी, लाइट, कंप्यूटर और दूसरे जरूरी घरेलू डिवाइस को आसानी से चलाने में सक्षम होता है. अच्छी धूप वाले इलाके में 3kW सिस्टम से महीने में अच्छी खासी बिजली पैदा हो सकती है जिससे बिजली का बिल काफी कम हो जाता है. अब अगर सालाना बचत करीब ₹30,000-₹45,000 तक पहुंचती है तो शुरुआती इनवेस्टमेंट की भरपाई लगभग 4 से 7 साल में हो सकती है.

5kW सोलर सिस्टम

अब 5 किलोवॉट सोलर पैनल की बात करें तो ये उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन होता है जहां बिजली की खपत नॉर्मली ज्यादा होती है. ये सोलर पैनल घर में एयर कंडीशनर, गीजर, वॉशिंग मशीन, मोटर जैसे भारी मशीन को चलाने में सक्षम होता है.

बता दें कि 5kW सिस्टम की शुरुआती लागत 1kW और 3kW के मुकाबले थोड़ी ज्यादा होती है लेकिन इससे बिजली प्रोडक्टिविटी भी काफी ज्यादा होता है. अगर घर का बिजली बिल हर महीने कई हजार रुपये आता है तो सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल काफी कम हो सकता है. इस हिसाब से देखा जाए तो 5 किलोवॉट सोलर पैनल लगवाने में आने वाली लागत की भरपाई करीब 8 साल तक पूरी हो सकती है.

बिजली की खपत भी देखना होता है जरूरी

सोलर सिस्टम खरीदते समय केवल ये देखना सही नहीं है कि 1kW, 3kW या 5kW में कौन सस्ता है. सबसे पहले पिछले 6-12 महीनों के बिजली बिल देखें और औसत मासिक खपत को चेक करें. अगर घर में बिजली की खपत कम है तो 1kW का सोलर पैनल काफी होता है. वहीं, ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले घर में बड़ा सिस्टम ज्यादा फायदेमंद होता है.

सब्सिडी से बदल सकता है पूरा गणित

सोलर सिस्टम की पेबैक पीरियड निकालते समय सब्सिडी को जरूर शामिल करना चाहिए. सरकार से मिलने वाली सब्सिडी से आपकी जेब से लगने वाली कुल लागत कम हो जाती है. इस वजह से निवेश की रिकवरी पीरियड भी घट जाती है.

कितने साल तक चलता है सोलर पैनल?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अच्छी क्वालिटी वाले सोलर पैनल लंबे समय तक काम करते हैं. नॉर्मली पैनलों की लाइफ करीब 20 से 25 साल तक होती है. हालांकि, समय के साथ उनकी बिजली पैदा करने की ताकत धीरे-धीरे कम हो जाती है. यानी अगर आपका सिस्टम 4-7 साल में अपना शुरुआती खर्च निकाल देता है तो उसके बाद कई सालों तक पैदा होने वाली बिजली आपकी बचत बढ़ा सकती है.

इसीलिए सोलर पैनल को घर में लगवाते समय कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है. बता दें कि सोलर पैनल के लिए आपको शुरूआत में जरूर एक मुश्त रकम लगानी पड़ती है लेकिन लंबे समय के लिए ये आपको काफी फायदा पहुंचा सकता है.

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