FIFA World Cup 2026 में दिखेगा टेक्नोलॉजी का जलवा, फेस रिकग्नेशन से लेकर रोबोट डॉग्स तक होंगे इस्तेमाल


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • फीफा 2026 विश्व कप में 50 लाख दर्शक उन्नत निगरानी में होंगे।
  • चेहरा पहचान, AI, रोबोट डॉग्स सुरक्षा हेतु तैनात किए गए हैं।
  • ड्रोन-डिटेक्शन नेटवर्क, कमांड सेंटर भीड़ गतिविधियों पर नज़र रखेंगे।
  • यह सुरक्षा आतंकवाद, साइबर हमलों, टिकट धोखाधड़ी रोकने को है।

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत हो चुकी है और यह अब तक का सबसे बड़ा फुटबॉल इवेंट होने जा रहा है. इस बार अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको समेत तीन देश इसे होस्ट कर रहे हैं. तीनों देशों के 16 शहरों में टीमों के मुकाबले होंगे, जिन्हें देखने के लिए 50 लाख से ज्यादा दर्शक इन शहरों में पहुंचेंगे. इन पर नजर रखने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का यूज किया जाएगा. बताया जा रहा है कि स्टेडियम, फैन जोन्स, टीम होटल, ट्रेनिंग साइट और ट्रांसपोर्ट के रास्तों पर नजर रखने के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म्स के अलावा 4000 से अधिक सरकारी एजेंसियों को तैनात किया गया है, जो टेक्नोलॉजी की मदद से दर्शकों की भीड़ को मॉनिटर करेंगी.

चप्पे-चप्पे पर होगा टेक्नोलॉजी का यूज

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अथॉरिटीज ने सर्विलांस के लिए फेशियल रिकग्नेशन सिस्टम, सर्विलांस कैमरा, एआई-पावर्ड मॉनिटरिंग टूल्स और रोबोट डॉग्स तक को डिप्लॉय किया है. इनका काम दर्शकों पर नजर रखने के साथ-साथ स्टेडियमों के आसपास सुरक्षा प्रदान करना भी है. जिन जगहों पर मैच होने हैं, वहां ड्रोन-डिटेक्शन नेटवर्क बनाए जा रहे हैं, जो ड्रोन के सिग्नल को डिटेक्ट करने के साथ-साथ उनका फ्लाइट पाथ भी ट्रैक कर पाएंगे. कुछ मामलों में तो यह नेटवर्क ऑपरेटर तक का पता लगा सकता है. फीफा के ऑफिशियल टेक्नोलॉजी पार्टनर लेनोवो ने भी एक इंटेलीजेंट कमांड सेंटर बनाया है, जो टेक्नोलॉजी की मदद से भीड़ के मूवमेंट पर नजर रखेगा और सपोर्ट ऑपरेशन में मदद करेगा.

एआई को भी किया जाएगा यूज

टूर्नामेंट के दौरान एआई-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम को भी इस्तेमाल में लाया जाएगा. कई स्टेडियम में फेशियल रिकग्नेशन टेक्नोलॉजी को भी डिप्लॉय किया है, जो एंट्री और कैशलेस सामान खरीदने के काम आएगा. बॉस्टन, मियामी और अटलांटा के स्टेडियम में फेस-बेस्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम लगाया जा रहा है. इसी तरह सिक्योरिटी ऑपरेशन के लिए सिक्योरिटी रोबोट को भी डिप्लॉय किया गया है. एआई से चलने वाले ये रोबोट डॉग्स कैमरा से लैस हैं. ये पेट्रोलिंग के अलावा सिक्योरिटी एजेंसियों की मदद के लिए वीडियो फीड भी कैप्चर करेंगे.

क्यों पड़ी इतनी सुरक्षा की जरूरत?

आयोजकों की मानें तो टेररिज्म, साइबर थ्रेट और टिकट फ्रॉड रोकने के लिए सुरक्षा के ये इंतजाम किए गए हैं. अधिकारी ने सिर्फ फिजिकल सिक्योरिटी को लेकर अलर्ट हैं बल्कि वो टिकटिंग सिस्टम, स्टेडियम स्क्रीन और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी संभावित साइबर अटैक को लेकर भी तैयारी कर रहे हैं ताकि ऐसी किसी भी घटना को होने से पहले ही रोका जा सके.

ये भी पढ़ें-

iPhone 17 Pro Max पर आ गया सबसे धाकड़ डिस्काउंट, यहां से उठाएं महाबचत का फायदा



Source link