
प्राइवेसी को लेकर अपनी रेपुटेशन बनाने वाली ऐप्पल स्मार्ट चश्मों में भी प्राइवेसी का खास ध्यान रखेगी. इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी मेटा को अपने ग्लासेस के मिसयूज को लेकर भारी आलोचना झेलनी पड़ रही है. इसका ध्यान रखते हुए ऐप्पल प्राइवेसी से समझौता नहीं करना चाहती है. यह माना जा रहा है कि डिवाइस बनाने में ऐप्पल लंबा समय इसलिए ले रही है ताकि इसे लॉन्च करने से पहले ही प्राइवेसी चिंताओं को दूर कर लिया जाए.

बतौर रिपोर्टस, ऐप्पल स्मार्ट चश्मों में ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग देने पर विचार कर रही है. इसका मतलब है कि स्मार्ट चश्मे जो भी डेटा प्रोसेस करेंगे, वह डिवाइस पर मौजूद चिपसेट से ही हो जाएगा. इस डेटा को किसी भी सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा. इस कारण यह चिंता भी गायब हो जाएगा कि इन स्मार्टग्लासेस से रिकॉर्ड होने वाले डेटा को ऐप्पल या कोई दूसरी कंपनी देख पाएगी. प्राइवेसी के लिहाज से यह बड़ा फीचर होगा.

ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग के अलावा ऐप्पल अपने ग्लासेस में फेशियल रिकग्नेशन सिस्टम भी नहीं देगी. मेटा अपने ग्लासेस में यह फीचर लाने पर विचार कर रही है, जिसका काफी विरोध किया जा रहा है. ऐसे झंझट से बचने के लिए ऐप्पल इस फीचर से दूरी बनाएगी. इस तरह ऐप्पल ग्लासेस में ऑलवेज-ऑन-रिकॉर्डिंग का ऑप्शन भी नहीं होगा. रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि ऐप्पल ग्लासेस से रिकॉर्ड हुए किसी भी डेटा को अपने एआई मॉडल की ट्रेनिंग में यूज नहीं करेगी.

यह भी कहा जा रहा है कि ऐप्पल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के स्तर पर भी सुरक्षा उपाय अपनाएगी. इसके लिए बिना कैमरे वाले स्मार्ट ग्लासेस पर भी विचार किया जा रहा है. ऐसे भी कयास हैं कि ऐप्पल केवल सेंसिंग के लिए कैमरा दे सकती है, जिसका फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए यूज नहीं किया जा सकेगा. ऐप्पल कैमरा वाले एयरपॉड्स में भी ऐसा फीचर दे सकती है, जो सिर्फ आसपास के माहौल को सेंस कर सकेगा. इस कैमरे से फोटो-वीडियो नहीं लिए जा सकेंगे.

फिलहाल ऐप्पल अपने स्मार्टग्लासेस पर काम कर रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इन्हें अगले साल जून में WWDC 2027 के दौरान पेश किया जाएगा और अगले साल के अंत से पहले लॉन्च कर दिया जाएगा. हालांकि, अभी तक ऐप्पल की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह तय है कि कंपनी स्मार्टग्लासेस और एआई पेंडेंड समेत कई वीयरेबल गैजेट्स पर तेजी से काम कर रही है.

स्मार्टग्लासेस मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. फिलहाल मेटा 80 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन अब गूगल, सैमसंग और ऐप्पल इसमें एंट्री के लिए तैयार है. 2025 में एआई स्मार्ट ग्लासेस की मार्केट का साइज 1.44 बिलियन डॉलर था, जिसके 2035 तक बढ़कर 4.59 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.

इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी मेटा को अपने कैमरा ग्लासेस के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ रही है. मेटा ग्लासेस यूजर्स पर चोरी-छिपे और बिना सहमति के कंटेट रिकॉर्ड करने का आरोप लग रहा है. इसे देखते हुए इंस्टाग्राम ने कड़ा एक्शन लिया है. हाल ही में इंस्टाग्राम ने कहा है कि वह मेटा ग्लासेस से बिना सहमति रिकॉर्ड हुए कंटेट को रिमूव कर देगी. इस कड़ी में कंपनी ने दो अकाउंट्स को रिमूव भी कर दिया है.
Published at : 27 Jul 2026 04:19 PM (IST)