
इसके अलावा आजकल कई स्मार्टफोन 90Hz, 120Hz या इससे भी ज्यादा रिफ्रेश रेट के साथ आते हैं. इससे स्क्रीन ज्यादा स्मूद दिखती है लेकिन इससे बैटरी की खपत भी बढ़ जाती है. अगर आपको गेमिंग या हाई-परफॉर्मेंस की जरूरत नहीं है तो रिफ्रेश रेट को 60Hz पर सेट करके बैटरी बैकअप बढ़ाया जा सकता है.

आपको बता दें कि अगर आपके स्मार्टफोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले मौजूद है तो डार्क मोड बैटरी बचाने में काफी मददगार साबित हो सकता है. ऐसे डिस्प्ले में काले रंग के पिक्सल कम बैटरी का इस्तेमाल करते हैं. यही वजह है कि डार्क थीम का इस्तेमाल करने से बैटरी बैकअप बेहतर हो सकता है.

अक्सर देखा गया है कि कई बार फोन इस्तेमाल करने के बाद स्क्रीन लंबे समय तक ऑन रहती है जिससे बिना वजह बैटरी खर्च होती रहती है. इसीलिए अगर आप स्क्रीन टाइमआउट को 15 या 30 सेकंड पर सेट कर देते हैं तो बैटरी कम खर्च होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्मार्टफोन की स्क्रीन जितनी ज्यादा ब्राइट होगी उतनी ही ज्यादा बैटरी की खपत भी होती है. ऐसे में कई बार लोग फोन को ज्यादा ब्राइटनेस पर इस्तेमाल करते हैं जिससे जल्दी बैटरी खत्म होने लगती है. नॉर्मल परिस्थितियों में ऑटो ब्राइटनेस या मीडियम ब्राइटनेस का इस्तेमाल करने से बैटरी की बचत होती है.

इतना ही नहीं, कई स्मार्टफोन में Always-On Display (AOD) फीचर मिलता है जिसमें समय और नोटिफिकेशन लगातार स्क्रीन पर दिखाई देते रहते हैं. हालांकि ये फीचर लोगों के काफी काम आता है लेकिन ये डिवाइस की बैटरी भी ज्यादा खपत करता है. ऐसे में अगर आपको इस फीचर की जरूरत नहीं है तो इसे बंद रखने में ही फायदा है.

स्मार्टफोन में एनिमेटेड या लाइव वॉलपेपर देखने में काफी बेहतरीन तो लगते हैं लेकिन ये फोन के प्रोसेसर का लगातार इस्तेमाल करते रहते हैं जिससे डिवाइस की बैटरी भी जल्दी खत्म होने लगती है. इसी तरह होम स्क्रीन पर बहुत ज्यादा विजेट भी बैटरी की खपत बढ़ा सकते हैं. इसीलिए नॉर्मल वॉलपेपर और जरूरी विजेट को ही होम स्क्रीन पर रखना चाहिए.
Published at : 13 Jul 2026 10:18 AM (IST)