- अनजान नंबरों की कॉल साइलेंट करने का फीचर उपलब्ध है।
- कॉन्टेक्ट कार्ड्स अनजान नंबरों की जानकारी प्रदान करते हैं।
- स्क्रीन शेयर और डिवाइस लिंक पर वॉर्निंग अलर्ट मिलते हैं।
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन अकाउंट सुरक्षा की अतिरिक्त परत है।
WhatsApp Safety Features: ऑनलाइन स्कैम का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. KYC स्कैम से लेकर डिजिटल अरेस्ट समेत न जाने कितने तरीकों से साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई को लूट लेते हैं. भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का भी साइबर अपराधी स्कैम के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसे देखते हुए व्हाट्सऐप ने अपने प्लेटफॉर्म पर कुछ ऐसे फीचर्स जोड़े हैं, जो आपको साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचा सकते हैं. आज हम आपके लिए ऐसे ही फीचर्स की पूरी लिस्ट लेकर आए हैं.
Silence Unknown Callers
अगर आपके पास अनजान नंबरों से ज्यादा कॉल्स आती हैं तो यह फीचर बड़े काम का है. जैसा नाम से ही जाहिर है यह अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को साइलेंट कर देता है. इसका यह फायदा है कि ये कॉल्स आपको कॉल टैब और नोटिफिकेशन में तो दिखेंगी, लेकिन ये आपको डिस्टर्ब नहीं कर पाएंगी.
Context Cards
कॉन्टेक्स्ट कार्ड्स में आपको किसी कॉन्टैक्ट के बारे में एक्स्ट्रा इंफोर्मेशन मिल जाती है. यह आपको बता देता है कि कोई नंबर आपके फोन में सेव है या नहीं या आप उस कॉन्टैक्ट के साथ किसी ग्रुप में शामिल हैं. इससे यूजर के पास किसी कॉन्टैक्ट से आए मैसेज का रिप्लाई देने या उसे ब्लॉक करने के लिए काफी इंफोर्मेशन हो जाती है.
Screenshare Warning
व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन शेयर करने का ऑप्शन देती है. यह बड़े काम का फीचर है, लेकिन कई बार साइबर अपराधी इसकी मदद से सेंसेटिव डेटा चुरा लेते हैं. इसे देखते हुए कंपनी ने अब स्क्रीनशेयर वॉर्निंग दिखाना शुरू कर दिया है. अगर आप किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी स्क्रीन शेयर कर रहे हैं तो संभावित खतरों की वॉर्निंग देते हुए आपके पास अलर्ट आ जाएगा.
Device Linking Alerts
कई बार फ्रॉड करने वाले लोग यूजर्स को बातों में फुसलाकर उसके व्हाट्सऐप अकाउंट को दूसरे डिवाइस से लिंक कर लेते हैं. फिर वो यूजर के अकाउंट को अपनी मर्जी से कैसे भी यूज कर सकते हैं. इससे बचाने के लिए व्हाट्सऐप अब सस्पिशियस रिक्वेस्ट आने वॉर्निंग अलर्ट देती है.
Two-step Verification
ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षा के लिए यह एक जरूरी फीचर्स है. इसमें अकाउंट रिसेट या वेरिफाई करने के लिए एक से ज्यादा वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है. इसका मतलब है कि केवल पासवर्ड से अकाउंट को रिसेट या वेरिफाई नहीं किया जा सकता. वेरिफिकेशन के लिए आपको एक और एडिशनल तरीके की जरूरत पड़ेगी. इससे अकाउंट को हैक होने से बचाया जा सकता है.
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