गर्मी में बिजली बिल से मिलेगी राहत! जानें 1.5 टन AC के लिए कितने किलोवाट के सोलर पैनल की पड़ेगी जरूरत


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गर्मी बढ़ने के साथ 1.5 टन AC घरों में आम हो गया है, जो 1.2 से 1.8 किलोवाट बिजली खपत करता है और रोजाना लगभग 8 से 14 यूनिट बिजली इस्तेमाल कर सकता है. इसी वजह से बिजली बिल तेजी से बढ़ता है, जिससे कई लोग सोलर एनर्जी की ओर रुख कर रहे हैं. सोलर पैनल धूप से बिजली बनाते हैं और सही साइज का सिस्टम चुनने पर लंबे समय तक बिजली बिल में 70–90% तक बचत हो सकती है.

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5 स्टार इन्वर्टर AC कम बिजली लेता है.

आजकल गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर (AC) घरों में एक जरूरी सुविधा बन गया है, लेकिन AC चलाने से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है. ऐसे में हर महीने बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ने लगता है. इसी वजह से कई लोग अब इसका समाधान सोलर एनर्जी में खोज रहे हैं. सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदलते हैं और एक बार इंस्टॉल करने के बाद लंबे समय तक कम खर्च या लगभग मुफ्त बिजली का फायदा देते हैं. इससे न सिर्फ बिजली बिल कम होता है, बल्कि पर्यावरण पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है.

हालांकि, सोलर सिस्टम लगवाते समय सही साइज और कैपेसिटी चुनना बहुत जरूरी है. अगर सिस्टम छोटा या गलत कैपेसिटी का होगा, तो AC और घर के अन्य भारी बिजली उपकरण सही तरीके से नहीं चल पाएंगे. इसलिए जरूरत के अनुसार लोड का आकलन करके ही सोलर पैनल लगवाना समझदारी होती है, ताकि गर्मियों में बिना किसी रुकावट के आराम से बिजली का उपयोग किया जा सके.

1.5 टन AC की बिजली खपत कितनी होती है?

भारत में सबसे ज्यादा लोग 1.5 टन का इन्वर्टर AC लगवाते हैं. यह AC चलते समय औसतन 1.2 से 1.8 किलोवाट बिजली खर्च करता है. 5 स्टार इन्वर्टर AC कम बिजली लेता है, जबकि पुराने मॉडल ज्यादा बिजली खिंचता है. अगर AC 8 घंटे चलाया जाए तो रोजाना 8 से 14 यूनिट बिजली लग सकती है. इसमें पंखे, लाइट और दूसरे घरेलू सामान भी जोड़ लें तो खपत और बढ़ जाती है.

1.5 टन AC के लिए कितना सोलर सिस्टम लगवाएं?

सिर्फ AC चलाने के लिए कम से कम 2 से 2.5 kW का सोलर सिस्टम काफी हो सकता है, लेकिन पूरा घर चलाने और आरामदायक इस्तेमाल के लिए 3 से 5 kW का सिस्टम बेहतर माना जाता है. इससे AC दिन में अच्छे से चलता है और बाकी सामान जैसे फ्रिज, पंखे, टीवी और लाइट भी आसानी से चल जाते हैं. सोलर पैनल की क्षमता सूरज की रोशनी पर निर्भर करती है. भारत में औसतन 4 से 5 घंटे अच्छी धूप मिलती है. 3 kW सिस्टम रोजाना 12 से 15 यूनिट बिजली बना सकता है, जो 1.5 टन AC और दूसरे सामान के लिए पर्याप्त होता है. अगर आप बैटरी भी लगवाते हैं तो शाम और रात में भी AC चला सकते हैं, लेकिन इससे खर्च बढ़ जाता है.

सही सोलर सिस्टम चुनने की सलाह

सोलर पैनल लगवाते समय घर की कुल बिजली जरूरत का ध्यान रखें. सिर्फ AC देखकर छोटा सिस्टम न लगवाएं, वरना बाद में परेशानी हो सकती है. अच्छी क्वालिटी के 400 से 550 Watt वाले पैनल चुनें. 3 kW सिस्टम में करीब 6 से 8 पैनल लग सकते हैं. इसी के साथ सोलर इन्वर्टर भी जरूरी है. हाइब्रिड इन्वर्टर बेहतर होता है क्योंकि यह ग्रिड और सोलर दोनों से काम करता है. छत पर जहां ज्यादा धूप आए, वहां पैनल लगवाएं. छाया या गलत जगह पर लगाने से रिटर्न कम हो जाता है.

सोलर सिस्टम लगवाने से बिजली बिल में 70-90% तक बचत हो सकती है. शुरुआती खर्च ज्यादा लगता है, लेकिन 4-5 साल में पैसा वसूल हो जाता है. सरकारी सब्सिडी भी मिल सकती है. हालांकि, सोलर पैनल रात में बिजली नहीं बनाते, इसलिए भारी इस्तेमाल के लिए बैटरी जरूरी हो सकती है. मौसम खराब होने पर उत्पादन कम हो जाता है. इसलिए अच्छे ब्रांड और प्रमाणित इंस्टॉलर से काम करवाएं. 1.5 टन AC आराम से चलाने के लिए 3 kW या उससे ऊपर का सोलर सिस्टम सबसे सही है. इससे न सिर्फ AC चलेगा बल्कि पूरा घर भी सोलर पर चल सकता है. सही प्लानिंग और साइज चुनकर आप गर्मी में ठंडक और बिल में बचत दोनों पा सकते हैं.

About the Author

यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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