उदयपुर. लगातार बढ़ते बिजली बिल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में अब लोग बिजली की खपत पर बेहतर नियंत्रण चाहते हैं, ताकि समय रहते खर्च को कम किया जा सके. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के फाइनल ईयर छात्र आदित्य जागिड़ ने एक खास स्मार्ट डिवाइस तैयार की है. इस इनोवेशन का नाम उन्होंने “ऊर्जा IQ” रखा है.
यह एक स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसकी मदद से उपभोक्ता अपने घर या ऑफिस में होने वाली बिजली खपत की पूरी जानकारी मोबाइल फोन पर ही देख सकते हैं. खास बात यह है कि यह डिवाइस वायरलेस तकनीक पर आधारित है और रियल टाइम में बिजली उपयोग का डेटा उपलब्ध कराती है.
मोबाइल पर मिलेगी बिजली खर्च की पूरी जानकारी
आदित्य ने बताया कि आज भी ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि उनके घर में कौन-सा उपकरण सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है. कई बार जरूरत से ज्यादा उपयोग होने के कारण बिजली बिल बढ़ जाता है, लेकिन सही जानकारी नहीं होने से लोग उसे नियंत्रित नहीं कर पाते. इसी समस्या को देखते हुए “ऊर्जा IQ” सिस्टम तैयार किया गया.
इस डिवाइस में स्मार्ट सेंसर और वायरलेस मॉड्यूल लगाए गए हैं, जो बिजली खपत से जुड़ी हर जानकारी सीधे मोबाइल एप्लिकेशन तक पहुंचाते हैं. उपयोगकर्ता अपने फोन पर यह देख सकता है कि कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई, किस समय सबसे ज्यादा बिजली उपयोग हुई और अनुमानित बिल कितना बन सकता है. इसके अलावा उपभोक्ता अपने मासिक बजट के अनुसार बिजली उपयोग को मॉनिटर भी कर सकता है.
ऑटो बिल फीचर से समय रहते होगी बचत
इस सिस्टम की सबसे खास बात इसका ऑटो बिल जनरेशन फीचर है. उपयोगकर्ता को हर महीने अलग से अनुमान लगाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि ऐप पर ही संभावित बिजली बिल दिखाई देगा. इससे लोग समय रहते बिजली बचत के उपाय कर सकेंगे और अनावश्यक खर्च को कम कर पाएंगे.
आदित्य के अनुसार आने वाले समय में इस सिस्टम को और ज्यादा एडवांस बनाया जा सकता है. भविष्य में इसमें घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मोबाइल से ऑन-ऑफ करने जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यह स्मार्ट होम तकनीक का हिस्सा बन सके.
विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी इस प्रोजेक्ट को उपयोगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया है. उनका कहना है कि इस तरह के नवाचार न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान भी पेश करते हैं. बढ़ती बिजली कीमतों के बीच “ऊर्जा IQ” जैसे इनोवेशन लोगों को स्मार्ट तरीके से बिजली बचाने और अपने खर्च पर नियंत्रण रखने में मददगार साबित हो सकते हैं.