रायबरेली। उमस के साथ बढ़ रही गर्मी के बीच जनपद में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के तीसरे सप्ताह में जहां से आंकड़ा लगभग 250 एमवी तक था, वहीं एक माह बाद मई के चौथे सप्ताह में ये करीब 500 मेगावाट के ऊपर जा पहुंचा।
अब हाल यह कि इत्ती मांग बढ़ने से विभाग परेशान हो चला है। नतीजतन उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। दिन रात हो रही बिजली की अघोषित कटौती व ट्रिपिंग की समस्या से लोगों का बुरा हाल है। व्यवस्था सुधार को लेकर लगातार लोग प्रदर्शन कर नाराजगी जता रहे हैं।
प्रतिदिन बढ़ता जा रहा तापमान
मौसम के साथ ही दिन प्रतिदिन तापमान भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में राहत पाने के लिए लोगों के पास एसी, कूलर और पंखों आदि का ही सहारा है। लगभग सभी घरों में इलेक्ट्रानिक उपकरण दिन रात चलते रहते हैं, जिसको लेकर बिजली की खपत भी काफी बढ़ गई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के तीसरे सप्ताह के मध्य जनपद में बिजली की मांग लगभग 260 एमवी थी, अप्रैल के अंत में इसमें हल्का उछाल आया और ये करीब 300 के आस पास पहुंच गई। वहीं मई के प्रारभिंक सप्ताह में भी इसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। 10 मई के बाद से ये आंकड़ा तेजी से बढ़ना शुरू हुआ और 20 मई पहुंचते पहुंचते मांग लगभग सवा चार सौ तक आ गया। वहीं माह के अंत में अब ये आंकड़ा पांच सौ पार कर चुका है।
आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को जनपद में बिजली की मांग 548 एमवी रहा। अधिकारियों का कहना है कि मौसम के देखते ही लोड अभी और अधिक बढ़ने की संभावना है। इससे सबसे अधिक फर्क पुरानी लाइनों पर पड़ रहा है, क्योंकि लगातार बढ़ रहे लोड और भीषण गर्मी के कारण लाइनों में फाल्ट की समस्या अधिक हो रही है, जिससे कारण सप्लाई में बाधा उत्पन्न होती है।