- एआई के जॉब्स पर बड़े असर की नई चेतावनी सामने आई।
- 200 से अधिक विशेषज्ञों ने भविष्य की चुनौतियों पर चेताया।
- अगले दशक में AI से नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव होगा।
- सही नीतियों के अभाव में लाखों नौकरियां गायब होंगी।
AI Impact On Jobs: एआई को लेकर नई और बड़ी वॉर्निंग सामने आई है. वॉर्निंग देने वालों में ऐसे लोग और कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्होंने एआई को बनाया है. बता दें कि एआई को लेकर लंबे समय से चेतावनी दी जा रही है कि यह अर्थव्यवस्था, काम करने के तरीके और समाज को पूरी तरह बदल देगी. अब ताजा वॉर्निंग में कहा गया है कि एआई का सबसे बड़ा असर अभी दिखना बाकी है. आइए जानते हैं कि नई वॉर्निंग में क्या कहा गया है और यह वॉर्निंग किन लोगों और कंपनियों की तरफ से जारी हुई है.
वॉर्निंग देने वालों में रिसर्चर, इकोनॉमिस्ट और कंपनियां समेत सब शामिल
दुनियाभर के 200 से अधिक इकोनॉमिस्ट, रिसर्चर, एग्जीक्यूटिव के अलावा गूगल, ओपनएआई और एंथ्रोपिक के सीनियर लीडर्स ने एक पब्लिक लेटर पर साइन किए हैं. इस लेटर में वॉर्निंग दी गई है कि अगले दशक में एआई के कारण जॉब मार्केट में बहुत बड़े बदलाव आने वाले हैं. इस लेटर का टाइटल “We Must Act Now” है और इसे स्टेनफोर्ड डिजिटल इकोनमी लैब की पहल पर लिखा गया है. लेटर के अनुसार अगले 10 सालों में एआई बहुत पावरफुल हो जाएगी. ग्लोबल इकोनमी पर इसका असर इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन से भी बड़ा होगा, लेकिन यह बहुत कम समय में हो जाएगा.
….तो नौकरियां हो जाएंगी गायब
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई से कई फायदे भी हो सकते हैं, लेकिन सरकारों के लिए इसके लिए काम करने की जरूरत है. अगर इसके लिए उचित सुरक्षा उपाय न किए गए और सही पॉलिसी नहीं बनाई जाती है तो नौकरियां गायब हो जाएंगी और बड़ी संख्या में कर्मचारी पीछे रह जाएंगे. इससे पहले भी कई जानकार यह बात कह चुके हैं कि एआई के कारण लाखों की संख्या में नौकरियां जाएंगी.
लेटर पर इन दिग्गजों के साइन
वॉर्निंग लेटर पर साइन करने वालों में गूगल के पूर्व सीईओ Eric Schmidt, लिंक्डइन के को-फाउंडर Reid Hoffman, ओपनएआई की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, गूगल एआई लीडर Jeff Dean और एंथ्रोपिक के को-फाउंडर Jack Clark समेत टेक जगत के कई दिग्गजों के नाम हैं. इनके अलावा Joseph Stiglitz, Daron Acemoglu, Simon Johnson और Michael Spence जैसे नोबल पुरस्कार विजेता, स्टेनफोर्ड, एमआईटी, हार्वर्ड और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के कई प्रोफेसरों ने भी इस लेटर पर साइन किए हैं. एक्सपर्ट्स की तरफ से यह वॉर्निंग ऐसे समय सामने आई है, जब नौकरियों पर एआई के असर को लेकर लगातार रिसर्च चल रही है. कई स्टडीज में नौकरियों के गायब होने की बात कही गई है तो कुछ में कहा गया है कि यह टेक्नोलॉजी हायरिंग के तरीकों को भी बदल रही है.
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