AI टूल्स पर सरकार का बड़ा अलर्ट! अगर ऑफिस में कर रहें इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान, जानें क्या है नियम


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  • MFA, अपडेट और नियमित ऑडिट सुरक्षा उपाय जरूरी।

Warning for AI Tools: आज की बढ़ती टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी तेजी से ग्रो कर रहा है. आज ज्यादातर लोग एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उनके काम को आसान बनाने का काम करता है. लेकिन एआई के विस्तार के साथ-साथ साइबर फ्रॉड भी काफी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अब लोगों की प्राइवेसी पर भी ज्यादा खतरा बना रहा है. इसी को देखते हुए अब सरकार ने कई एआई टूल्स को लेकर चेतावनी जारी की है. आइए जानते हैं सरकार ने क्यों लिया ये फैसला.

CERT-In ने क्यों जारी की चेतावनी?

जानकारी के अनुसार, CERT-In ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि नई जनरेशन वाले एडवांस AI मॉडल साइबर हमलों को पहले से कहीं ज्यादा तेज और प्रभावी बना सकते हैं. इन एडवांस एआई सिस्टम की मदद से साइबर हमलावर पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं.

इसीलिए एजेंसी ने सरकारी संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने सिस्टम में मौजूद गंभीर सुरक्षा खामियों को 12 से 24 घंटे के भीतर ठीक कर लें जिससे होने वाले साइबर हमलों से बचा जा सके.

सरकारी दफ्तरों के लिए चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आज सरकारी कामकाजों में भी एआई टूल्स का जोरों से इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन इसके साथ ही प्राइवेसी और साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है. इसीलिए भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की साइबर सुरक्षा ने कई सरकारी विभागों को चेतावनी दी है. दरअसल, इस चेतावनी में कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी ऐसे एआई टूल्स काम में इस्तेमाल न करें जिसे मंजूरी नहीं मिली है. ऐसा इसलिए क्योंकि बिना मंजूरी वाले एआई टूल्स इस्तेमाल करने से प्राइवेसी पर खतरा बढ़ सकता है.

हालांकि, इन निर्देशों में जनरेटिव AI टूल्स पर पूरी तरह बैन लगाने को लेकर कोई बात नहीं की है. सरकार का मेन मकसद ये है कि इन टूल्स के इस्तेमाल से कहीं सरकारी डेटा खतरे में न पड़ जाए.

सरकारी विभागों को दिए गए ये निर्देश

सरकारी विभागों के लिए एजेंसी ने AI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर कंट्रोल के साथ-साथ कई सारे निर्देश भी जारी किए हैं. विभागों को बताया गया है कि जरूरी सिस्टम में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को अनिवार्य रूप से मजबूत करना है. इसके अलावा सभी जरूरी सिक्योरिटी अपडेट और पैच समय पर इंस्टॉल करना भी जरूरी है. साथ ही नियमित रूप से वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और सिक्योरिटी ऑडिट कराना भी जरूरी है. इतना ही नहीं, इंटरनेट से जुड़े सर्वर और नेटवर्क पर लगातार पैनी नजर रखनी है.

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