
संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय (United Nations University) की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार आने वाले वर्षों में पर्यावरणीय चुनौतियों को और गंभीर बना सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, AI आधारित डेटा सेंटरों की संख्या और क्षमता लगातार बढ़ रही है जिसके कारण पानी, ऊर्जा और भूमि की मांग भी तेजी से बढ़ेगी.