Cyber Scam: साइबर स्कैमर्स अपना रहे ठगी के ये नए तरीके, इन बातों का रखें ध्यान


Cyber Scam: आजकल के डिजिटल दौर में साइबर ठग लोगों को स्कैम के लिए नए तरीके अपना रहे हैं. डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट और इंटरनेट बैंकिंग ने जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. हले जहां स्कैमर्स सिर्फ फर्जी कॉल या मैसेज का सहारा लेते थे, वहीं अब वे AI, फर्जी वेबसाइट, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और सोशल इंजीनियरिंग जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं. ऐसे में सिर्फ एक छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि साइबर अपराधी आजकल किन तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है.

फर्जी लिंक, AI कॉल और स्क्रीन शेयरिंग से रहें सतर्क

आजकल स्कैमर्स बैंक, कुरियर कंपनी, बिजली विभाग, ई कॉमर्स वेबसाइट या सरकारी संस्था बनकर कॉल, SMS, WhatsApp या ईमेल भेजते हैं. इनमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है. कई मामलों में AI की मदद से किसी परिचित की आवाज जैसी फर्जी कॉल भी की जाती है.  इसके अलावा AnyDesk, TeamViewer जैसी स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाकर मोबाइल या कंप्यूटर का एक्सेस लेने की कोशिश भी की जाती है. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐसी ऐप डाउनलोड न करें.

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OTP, UPI PIN और KYC के नाम पर हो रही ठगी

साइबर अपराधी अक्सर KYC अपडेट, बैंक अकाउंट बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने, इनाम जीतने या नौकरी दिलाने का झांसा देकर OTP, UPI PIN, CVV और बैंक डिटेल मांगते हैं.  याद रखें कि कोई भी बैंक, RBI या सरकारी एजेंसी फोन या मैसेज पर OTP, UPI PIN या पासवर्ड नहीं मांगती.  यदि कोई ऐसी जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत ठगी समझें और बातचीत खतम करें. 

इन सावधानियों से बच सकते हैं साइबर ठगी से

हमेशा केवल ऑफिशियल वेबसाइट और मोबाइल ऐप का ही इस्तेमाल करें. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका URL जांच लें.  सभी खास खातों पर मजबूत पासवर्ड और टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगा लें. बैंक खाते और UPI ऐप के ट्रांजैक्शन अलर्ट हमेशा ऑन रखें, सिर्फ व्हाट्सएप मैसेज देखकर पैसे ट्रांसफर न करें, अनजान ईमेल या या नंबर से आई  कोई फाइल डाउनलोड न करें, साथ ही WhatsApp Web जरूर चेक करें अगर कोई डिवाइस जुड़े हों तो लॉग आउट करें. कम्पूटर में सुरक्षा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें.

कैसे करें ठगी की शिकायत?

अनजाने में अगर आप ठगी के शिकार हो जाते हैं, तो झटपट राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. उसके बाद राष्ट्रई सीइबर क्रराइम रिपोर्टिंग पर भी शिकायत दर्ज करें. वक्त पर रिपोर्ट करने से कई मामलों में पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है.

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