Split Vs Window Vs Portable AC : पोर्टेबल एसी, स्प्लिट या विंडो… कौन सा AC खाता है सबसे ज्यादा बिजली, समझें 1 घंटे का हिसाब-किताब?


Split Vs Window Vs Portable AC : देशभर में गर्मी लगातार बढ़ रही है और ऐसे में AC अब हर घर की जरूरत बनता जा रहा है, लेकिन जब नया AC खरीदने की बारी आती है तो ज्यादातर लोग एक ही सवाल में कंफ्यूज हो जाते हैं कि आखिर स्प्लिट AC लें, विंडो AC खरीदें या फिर पोर्टेबल AC बेहतर रहेगा. कई लोगों का मानना होता है कि स्प्लिट AC की कीमत ज्यादा होती है, इसलिए वह ज्यादा बिजली भी खर्च करता होगा. वहीं कुछ लोग विंडो AC को सबसे किफायती मानते हैं, दूसरी तरफ पोर्टेबल AC को लेकर भी लोगों में कंफ्यूजन रहती है. ऐसे में अगर आप भी नया AC खरीदने की सोच रहे हैं और कौन सा AC सबसे ज्यादा बिजली खाता है, किसकी कूलिंग बेहतर होती है और किस में पैसे की सबसे ज्यादा बचत होती है, इसे लेकर कंफ्यूज हैं तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि पोर्टेबल एसी, स्प्लिट या विंडो कौन सा AC सबसे ज्यादा बिजली खाता है. 

1 घंटे में कौन सा AC कितनी बिजली खर्च करता है?

1. स्प्लिट AC की बिजली खपत – 1.5 टन क्षमता वाले इन्वर्टर स्प्लिट AC आमतौर पर 0.8 से 1.2 यूनिट बिजली प्रति घंटे खर्च करता है. वहीं सामान्य स्प्लिट AC करीब 1.2 से 1.6 यूनिट तक बिजली ले सकता है. इन्वर्टर तकनीक की वजह से स्प्लिट AC कमरे के तापमान के हिसाब से कंप्रेसर की स्पीड को कम-ज्यादा करता है, जिससे बिजली की बचत होती है. 

2. विंडो AC की बिजली खपत- 1.5 टन का विंडो AC औसतन 1.4 से 1.8 यूनिट बिजली प्रति घंटे खर्च कर सकता है क्योंकि इसमें कंप्रेसर और बाकी सभी पार्ट्स एक ही यूनिट में लगे होते हैं, इसलिए इसकी एनर्जी बचत स्प्लिट AC की तुलना में थोड़ी कम होती है. 

3. पोर्टेबल AC की बिजली खपत – पोर्टेबल AC आमतौर पर सबसे ज्यादा बिजली खर्च करने वाले ऑप्शन में गिने जाते हैं. इनमें पूरी कूलिंग यूनिट कमरे के अंदर रहती है और गर्म हवा को बाहर निकालने के लिए अलग से एग्जॉस्ट पाइप का इस्तेमाल करना पड़ता है. इसके कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है. 

इन्वर्टर टेक्नोलॉजी क्यों करती है बिजली की बचत?

आजकल बाजार में मिलने वाले ज्यादातर स्प्लिट AC इन्वर्टर तकनीक के साथ आते हैं. इस तकनीक में कंप्रेसर जरूरत के अनुसार अपनी स्पीड बदलता रहता है. जब कमरा ठंडा हो जाता है तो कंप्रेसर धीमी स्पीड से चलता है, जिससे बार-बार ऑन और ऑफ होने की जरूरत नहीं पड़ती और बिजली की बचत होती है. वहीं पारंपरिक विंडो AC अक्सर फिक्स्ड स्पीड पर काम करते हैं. ये बार-बार बंद और चालू होते रहते हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है. 

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कीमत में कौन है बेहतर?

1. विंडो AC – अगर आपका बजट सीमित है तो विंडो AC अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. इसकी कीमत आमतौर पर 30,000 से 40,000 रुपये के बीच होती है. इसे लगाने का खर्च भी कम आता है क्योंकि यह सीधे खिड़की में फिट हो जाता है. 

2. स्प्लिट AC – स्प्लिट AC की कीमत ज्यादा होती है. 1 से 1.5 टन क्षमता वाले मॉडल लगभग 35,000 से 65,000 रुपये तक मिल जाते हैं. हालांकि इसकी इंस्टॉलेशन के लिए प्रोफेशनल तकनीशियन की जरूरत पड़ती है और पाइपिंग का अतिरिक्त खर्च भी जुड़ सकता है. 

3. पोर्टेबल AC – पोर्टेबल AC की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुविधा है. इसे स्थायी इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि गर्म हवा बाहर निकालने के लिए इसकी एग्जॉस्ट पाइप को खिड़की के पास लगाना जरूरी होता है. 

बिजली की खपत किन बातों पर निर्भर करती है?

कई दूसरी चीजें भी एसी की खपत को प्रभावित करती हैं. जिसमें सबसे पहले कमरे का साइज होता है, अगर बड़े कमरे में कम क्षमता वाला AC लगाया जाए तो उसे लगातार ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और बिजली ज्यादा खर्च होती है. इसके अलावा AC का तापमान जितना कम सेट किया जाएगा, उतनी ज्यादा बिजली की खपत होगी. रोजाना कितने घंटे AC चलाया जाता है, इसका भी सीधा असर बिजली बिल पर पड़ता है. साथ ही अगर कमरे में सीधी धूप ज्यादा आती है, इंसुलेशन अच्छा नहीं है या गर्मी ज्यादा रहती है, तो कमरे को ठंडा रखने के लिए AC को लंबे समय तक काम करना पड़ता है. 

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