रायबरेली। खीरों विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सगुनी के ठकुराइन खेड़ा गांव में पिछले कई दिनों से बिजली संकट गहराया हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि 12 जून से गांव की विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। विभागीय स्तर पर समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल का सहारा लेते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 40015826022073 के अनुसार, शिकायतकर्ता सतीश कुमार पुत्र छोटे लाल, निवासी ठकुराइन खेड़ा ने बताया कि गांव में 12 जून से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खीरों ग्रामीण फीडर से पाहो के लिए बनाई गई नई लाइन से गांव की सप्लाई जोड़ी गई है, लेकिन इस लाइन में कई तकनीकी खामियां हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, नई लाइन के कई हिस्सों में पेड़ों की डालियां बिजली के तारों से सटी हुई हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर पेड़ों में ही इंसुलेटर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है, जिसके कारण लाइन बार-बार ट्रिप हो जाती है और आपूर्ति बाधित हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि नई लाइन में तकनीकी कमियों के कारण पूरे गांव की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई है। भीषण गर्मी के बीच लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। पंखे, कूलर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मांग की है कि जब तक नई लाइन का कार्य पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक गांव की बिजली आपूर्ति को पुरानी लाइन से जोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार निर्बाध विद्युत आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियों और कथित विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
फिलहाल गांववासियों की निगाहें जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण और बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।