दारुल उलूम देवबंद में रमजान जुमा का खास बयान, बाजारों में दिखी रौनक और सुरक्षा कड़ी

देवबंद में रमजान के दूसरे जुमा की नमाज नगर और देहात क्षेत्रों में अकीदत के साथ अदा की गई। इस दौरान अकीदतमंदों ने अल्लाह से अमन-चैन और गुनाहों की माफी के लिए दुआएं मांगी। नमाजियों की खरीदारी से नगर के बाजार गुलजार रहे।

दारुल उलूम देवबंद की रशीदिया मस्जिद में मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने नमाज के बाद कुरआन की फजीलत और रोजों की अहमियत पर बयान दिया। दारुल उलूम की छत्ता मस्जिद में पेश इमाम और मरकजी जामा मस्जिद में मोहम्मद राफे उस्मानी ने नमाज-ए-जुमा अदा कराई।

मस्जिद-ए-रशीदिया में नमाज के बाद खिताब करते हुए मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने बताया कि माह-ए-रमजान में ही कुरआन पैगंबर मोहम्मद पर नाजिल हुआ था। उन्होंने अकीदतमंदों से रमजान के दूसरे अशरे की इबादत बिना किसी गफलत के और मेहनत के साथ कर अपने रब को राजी करने का आह्वान किया।

दारुल उलूम की छत्ता मस्जिद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि रमजान में हमें अपने गुनाहों की तलाफी कर लेनी चाहिए। उन्होंने पूरी ताकत से अल्लाह की नाफरमानियों से बचने और जन्नत की तलब करने की बात कही।

नगर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मस्जिदों और चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। देहात क्षेत्र से आए भारी संख्या में अकीदतमंदों ने जुमा की नमाज के बाद ईद के लिए जमकर खरीदारी की, जिससे बाजारों में रौनक बनी रही।

इस दौरान, माह-ए-रमजान के दूसरे जुमा की नमाज अदा करने के बाद मस्जिद-ए-रशीद से बाहर आए रोजेदार नमाजियों पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। आजाद समाज पार्टी के नगराध्यक्ष एवं सभासद पति डॉ. असलम अली के नेतृत्व में नरेंद्र लांबा, छोटू रावण, अजमल खां, अबरार कुरैशी, नितिन जाटव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।