उन्नाव में आतंकी नेटवर्क का खुलासा? पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले मामले

उन्नाव। साहित्यिक नगरी उन्नाव की जमी पर पैर रखकर कई बार आतंकियों ने इसे मैला किया। उन्होंने यहां शरण ही नहीं ली, आतंक की पटकथा भी लिखी। इस दृष्टिकोण से पुलिस के लिए कानून व्यवस्था के लिए जिले की सुरक्षा और अहम हो जाती है। कानपुर और लखनऊ के बीच उन्नाव के होने से यह आतंकियों, बांग्लादेशी, रोहिंग्या के बाद अब उग्रवादियों के लिए बेहद मुफीद हो गया है।

असम पुलिस द्वारा उग्रवादी संगठन को फंडिंग करने वाले दो सदस्यों के पकड़े जाने के बाद खुफिया व पुलिस की सजगता की कलई खुल गई। घुसपैठियों ने यहां शरण लेकर यह बता दिया है कि उन्नाव उनके लिए कितना अहम है।

असम राज्य में सक्रिय उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असोम (उल्फा-आई) के लिए फंडिंग कर रहे थे। सहारनपुर जिला के थाना कुतुबेहर एचएन 126 हबीबगढ़ एलाटा कालोनी, गली नंबर चार निवासी नूर मुहम्मद पुत्र अब्दुल हसन व कानपुर जनपद के मूलगंज क्षेत्र के नया चौक मकान नंबर 40/52 चक नं. 40 निवासी 31 वर्षीय मुहम्मद सुभान पुत्र अनीस अहमद लंबे समय से संगठन के लिए फंडिंग का काम कर रहे थे।

दोनों युवकों पर असम में मुकदमा हुआ दर्ज

दोनों युवकों पर असम में मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस से बचने के लिए उन्होंने सुरक्षित ठिकाना ढूंढना शुरू कर दिया। सूत्र बताते हैं कि कानपुर के मूलगंज निवासी मुहम्मद सुभान ने उन्नाव के बुधवारी निवासी अपने एक मित्र से संपर्क कर सुरक्षित ठिकाना दिलाने को कहा। इस पर उसने दोनों को मुहल्ला बुधवारी की मारुफ कालोनी निवासी शहादत पुत्र अशफाक अहमद के घर पर शरण दिला दी।

चर्चा है कि यह पिछले पांच माह से यहां रह रहे थे। खुफिया व पुलिस टीम को इनके छिपे होने की भनक तक न लग पाई। अब पुलिस इन्हें शरण देने वालों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। वहीं असम पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उन्नाव आई कानपुर एसटीएफ ने भी दोनों से सदर कोतवाली में कई घंटे लंबी पूछताछ की।

लखनऊ में इन काउंटर में मारे गए सैफउल्ला ने जायरीन बनकर ली थी शरण

भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में धमाका करने वाले आतंकी सैफुल्ला को मार्च 2017 में लखनऊ में एटीएस ने इन काउंटर में मार गिराया था। जांच में पता चला था कि सैफुल्ला अपने साथियों के साथ स्टेशन रोड व किला स्थित मस्जिद में जायरीन बनकर रुका था।

28 मार्च 2027 को एनआइए सैफुल्ला के साथ गौस मुहम्मद समेत अन्य को जांच के लिए उन्नाव लाई थी। पता चला था कि यह सभी किला चौकी क्षेत्र में कंजी स्थित व रेलवे स्टेशन स्थित मस्जिद के साथ टीम ने सीन रिक्रिएन किया और सभी को लेकर लौट गई थी।

कुछ अन्य आतंकी व घुसपैठिए जो उन्नाव में ले चुके शरण

  • फरवरी 2012 को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सात महीने से बांगरमऊ के मदारनगर स्थित एक मदरसे में मौलवी बनकर रह रहे बशीर हसन नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था।
  • फरवरी 2018 में दही चौकी स्थित एक स्लाटर हाउस में काम कर रहे रोहिंग्या मुसलमानों को एटीएस ने पकड़ा था।
  • जुलाई 2023 में यूपी एटीएस ने बिहार के स्लाटर हाउस से रिजवान खान नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2023 के फरवरी और मार्च महीने में वह दही औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्लाटर हाउस में काम कर चुका था।
  • 25 फरवरी 2026: एटीएस ने दही औद्योगिक क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर पांच साल से रह रहे बांग्लादेशी सैफुल पुत्र फरीदुल आलम निवासी गांव/गली- लंबामथ, नंबर 270 नाइकस्यांगछारी मौजा, डाकघर चकदला 4660 नाइकस्यांगछारी बंदरबन बांग्लादेश को गिरफ्तार किया था।