हर घंटे एक स्पेस रॉकेट लॉन्च करना चाहते हैं Elon Musk, प्लानिंग ऐसी कि जानकर हो जाएंगे हैरान


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  • तकनीकी खराबी के बाद SpaceX आज स्टारशिप रॉकेट फिर लॉन्च करेगी।
  • कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 10,000 रॉकेट लॉन्च करना।
  • मस्क की योजना स्टारलिंक और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सैटेलाइट बढ़ाना।
  • लॉन्च रिलायबिलिटी और एयर ट्रैफिक असर को लेकर चिंताएं मौजूद।

SpaceX Rockets Launching: अमेरिकी अरबपति Elon Musk की कंपनी SpaceX आज एक बार फिर अपनी स्टारशिप रॉकेट को लॉन्च करने की कोशिश करेगी. पहले लॉन्च पैड में आई तकनीकी खामी के चलते लॉन्चिंग को एक दिन के लिए टाल दिया गया था. रॉकेट लॉन्चिंग को लेकर मस्क और उनकी कंपनी ने बड़े प्लान बनाए हैं. हाल में एक बयान से पता चला है कि स्पेसएक्स अगले पांच सालों में अपने ऑपरेशन को इतना बढ़ा देना चाहती है कि वह हर साल 10,000 रॉकेट लॉन्च कर सके. अगर ऐसा होता है तो स्पेसएक्स रोजाना औसतन 27 रॉकेट लॉन्च कर रही होगी.

अभी कितने रॉकेट लॉन्च कर रही है स्पेसएक्स

पिछले साल मस्क की कंपनी ने कुल 170 रॉकेट लॉन्च किए थे, जिनके जरिए 2,500 सैटेलाइट स्पेस में भेजे गए. अब अगर कंपनी का प्लान कामयाब होता है तो कमर्शियल स्पेस इंडस्ट्री की पूरी सूरत ही बदल जाएगी. बता दें कि स्पेसएक्स IPO लाने की तैयारी भी कर रही है. इसकी कीमत 1.75 ट्रिलियन डॉलर होगी और यह इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होने जा रहा है. मस्क ने 2002 में स्पेसएक्स की शुरुआत की थी. एक प्राइवेट रॉकेट स्टार्टअप के तौर पर शुरू हुई स्पेएक्स अब एक बहुत बड़ा नाम बन चुकी है.

ऑर्बिट को सैटेलाइट से भर देना चाहते हैं मस्क

मस्क केवल कमर्शियल स्पेस इंडस्ट्री को हिलाने के लिए ही रॉकेट लॉन्च नहीं करना चाहते. उनकी प्लानिंग स्टारलिंक और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से भी जुड़ी हुई है. हाल ही में मस्क ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि अभी उनकी कंपनी के करीब 10,000 सैटेलाइट काम कर रहे हैं और स्टारलिंक के लिए हर साल और 10,000 नए सैटेलाइट लॉन्च करन चाहते हैं. हालांकि, ऐसा कब तक हो पाएगा, इसे लेकर मस्क ने कोई टाइमलाइन शेयर नहीं की है. साथ ही मस्क एआई सिस्टम और ग्लोबल इंटरनेट कवरेज को सपोर्ट करने के लिए स्पेस में सैटेलाइट का बड़ा नेटवर्क तैयार करने के इरादे भी जाहिर कर चुके हैं.

क्या सब कुछ इतना आसान होने वाला है?

मस्क और स्पेसएक्स की महत्वाकांक्षा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. रेगुलेटर का कहना है कि कंपनी को अपने लॉन्च ऑपरेशन की रिलायबिलिटी पर काम करने की जरूरत है. हाल ही में अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कंपनी के साथ बैठकर इस बारे में बात की है. साथ ही रॉकेट लॉन्चिंग के कारण एयर ट्रैफिक पर पड़ने वाला असर भी एक चिंता का विषय बना हुआ है. 

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