भारत में Political Party कैसे बनाएं 2026? Cockroach Janta Party से समझिए पूरा नियम

How to Create a Political Party in India 2026: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) बनते ही रातोंरात सुर्खियों में छा गई है। फॉलोअर्स के मामले में दिग्गज राष्ट्रीय पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया है। पांच दिन में इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने फॉलो किया है। हालांकि एक्स (पहले ट्विटर) पर इस पार्टी का अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया है, इसकी जानकारी CJP ने दी है।

इस बीच जहन में एक सवाल जरूर आ रहा होगा कि क्या भारत में कोई भी अपनी पार्टी बना सकता है? खासतौर पर UPSC, SSC, बैंक, रेलवे भर्तियों समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को जीके (जनरल नॉलजे) के लिए पार्टी बनाने को लेकर भारत में इसके नियम, प्रावधान और शर्तों के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी क्या है?

पार्टी बनाने के नियम से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में जान लेते हैं। क्योंकि ऐसा शायद पहली कभी ऐसा देखा गया है कि किसी पार्टी के बनने के बाद कुछ समय में उसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई हो। सोशल मीडिया पर बनी इस पार्टी ने नई नजीर पेश की है।

कॉकरोच जनता पार्टी, भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान के बाद बनी है। सीजीआई ने सीनियर वकील का दर्जा दिए जाने की मांग से संबंधित एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए ‘कॉकरोच’ वाला बयान दिया था।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत एक टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘समाज में कुछ परजीवी हैं, जो व्यवस्था पर हमला करते हैं। क्या आप भी उनके साथ जुड़ना चाहते हैं? कुछ युवा ऐसे हैं, जो रोजगार नहीं मिलने और पेशे में जगह न बना पाने के कारण कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर हर किसी पर हमला शुरू कर देते हैं।’

बस यहीं से कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हुआ। हालांकि CJI सूर्यकांत ने बाद में अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बात गलत तरीके से पेश किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी किसकी है?

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक 30 साल के अभिजीत दीपके हैं। उनका कहना है कि सीजीआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है, वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी देता है। लेकिन सिर्फ राय रखने के लिए युवाओं की तुलना कॉकरोच से करना है निराश कर देने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल या नेता ऐसा करता तो उतना फर्क नहीं पड़ता।

क्या कोई भी अपनी पार्टी बना सकता है?

कॉकरोच जनता पार्टी बनने के पीछे वजह पता चलने के बाद, अब आते हैं नई पार्टी बनाने के नियम और शर्तों पर, तो हां, कोई भी व्यक्ति या संगठन अपनी राजीनित पार्टी बना सकता है। उसे राष्ट्रीय या राज्य की पार्टी कह सकता है, लेकिन इतने भर से काम नहीं चलता। पार्टी की मान्यता के लिए चुनाव आयोग की हरी झंड़ी चाहिए और ये यूं ही नहीं मिल जाती।

इसके नियमों और शर्तों पर खरा उतरना जरूरी है। एक कानूनी प्रक्रिया के बाद पार्टी को मान्यता मिलती है। बेसिक जरूरतें, नाम रखने के नियम, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और गाइडलाइंस के बाद पार्टी बनाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। सबसे खास बात किसी भी नई पार्टी को रातोंरात मान्यता नहीं मिलती।

नई पार्टी बनाने के लिए के कानूनी नियम

भारत सरकार और चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, नई राजानीतिक पार्टी बनाने की पूरी प्रक्रिया में कानूनी नियमों को ध्यान रखना बहुत जरूरी है। भारत में राजनीतिक पार्टी का रजिस्ट्रेशन ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the people Act, 1951) की धारा 29A’ तहत किया जा सकता है।

नई पार्टी बनाने की शर्तें

  • पार्टी शुरू करने के लिए कम से कम 100 सदस्य होने चाहिए।
  • सभी 100 सदस्य भारत के नागरिक होने चाहिए और सभी के पास वेलिड वोटर आईडी कार्ड होना अनिवार्य है।
  • सभी सदस्यों को एक शपथ पत्र देना होगा कि वे किसी दूसरी रजिस्टर्ड पार्टी के सदस्य नहीं हैं।
  • पार्टी के गठन के 30 दिनों के अंदर संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को आवेदन भेजना होगा। 30 दिन बाद आवेदन अमान्य माना जाएगा।

 

पार्टी का नाम रखने के नियम

पार्टी का नाम कैसा होना चाहिए, उसके लिए भी नियम बनाए गए हैं। पार्टी का नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भी रख सकते हैं, लेकिन चुनाव आयोग के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। पार्टी का नाम किसी मौजूदा पार्टी के नाम का अनुवाद नहीं होना चाहिए। जिससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति न बन जाए। यह सेक्शन 29ए का उल्लंघन माना जाएगा।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स

  • पार्टी के नियमों और सिद्धांतों की एक साफ टाइप की हुई कॉपी चुनाव आयोग को भेजी जानी चाहिए। इसमें 29ए के तहत घोषणा होनी चाहिए कि – ‘पार्टी भारत के संविधान के प्रति और समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता तथा लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति सच्ची निष्ठा और वफादारी रखेगी और भारत की संप्रुभता, एकता और अखंडता को बनाए रखेगी।’
  • इंटरल डेमोक्रेसी क्लॉज के तहत कम से कम हर चार साल में इंटरनल इलेक्शन की जानकारी।
  • 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (नॉन-रिफंडेबल) ‘अवर, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली’ के नाम पर जमा होना चाहिए।
  • पार्टी दफ्तर के पते को लेकर जगह के मालिक का NOC सर्टिफिकेट, स्टांप पेपर पर।
  • पार्टी के नाम खुला बैंक अकाउंट और पैन कार्ड।
  • पार्टी के मुख्य तीन सदस्यों के पिछले तीन के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कॉपी।

 

नई पार्टी के लिए आवेदन का तरीका?

  • सबसे पहले चुनाव आयोग के ऑफिशियल वेबसाइट eci.gov.in या दिल्ली के निर्वाचन सदन से एप्लीकेशन फॉर्म लेना होगा।
  • फॉर्म भरकर सभी 100 सदस्यों के वोटर आईडी कार्ड की फोटो कॉपी के साथ रजिस्टर्ड पोस्ट या खुद चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लगाना होगा।
  • आयोग द्वारा आवेदन की जांच के बाद आपको दो राष्ट्रीय और स्थानीय अखबारों में पब्लिक नोटिस पब्लिश कराना होगा।
  • नई पार्टी के खिलाफ कोई भी आपत्ति दर्ज कर सकता है। अगर आपत्ति दर्ज होती है तो उसकी सुनवाई चुनाव आयोग के सामने होगी। अगर कोई आपत्ति दर्ज नहीं होती तो आपको चुनाव आयोग आपकी पार्टी को रजिस्टर कर लेगा।

 

राष्ट्रीय या राज्य पार्टी की मान्यता कैसे मिलती है?

राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम चार राज्यों में 6 प्रतिशत वोट शेयर और 4 लोकसभा सीटें जीतनी जरूरी हैं। वहीं राज्य पार्टी का दर्जा प्राप्त करने के लिए उस राज्य में 6 प्रतिशत वोट शेयर और 2 विधानसभा सीटें जीतनी जरूरी हैं।