जो लैपटॉप 30 हजार में मिलता था, अब 45 हजार तक पहुंच सकता है, AI की बढ़ती मांग है वजह, PC भी हो सकते हैं महंगे


अगर आप इस साल नया लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में कंप्यूटर डिवाइस की कीमतें 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं. इसकी असल वजह कंप्यूटर के जरूरी कंपोनेंट्स जैसे RAM, प्रोसेसर और GPU की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी बताई जा रही है. खासकर DDR RAM की कीमतों में भारी उछाल और एंट्री-लेवल इंटेल प्रोसेसर की कमी से लैपटॉप और डेस्कटॉप की लागत तेजी से बढ़ रही है.

मार्केट रिसर्च फर्म IDC के अनुसार भारत का PC मार्केट, जिसमें डेस्कटॉप, नोटबुक और वर्कस्टेशन शामिल हैं, ने 2025 में अब तक का सबसे मजबूत साल देखा.

2025 में PC मार्केट के बड़े आंकड़े

  • कुल PC शिपमेंट: 15.9 मिलियन यूनिट्स
  • सालाना वृद्धि: 10.2%
  • दिसंबर तिमाही शिपमेंट: 4.1 मिलियन यूनिट्स

ब्रांड्स की बात करें तो बाजार में HP सबसे आगे रहा, जिसके बाद Lenovo, Dell, Acer और Asus जैसे बड़े खिलाड़ी रहे. इन सभी कंपनियों ने 2025 में शिपमेंट में बढ़ोतरी दर्ज की.

हालांकि अब बढ़ती लागत बाजार को प्रभावित कर सकती है. विश्लेषकों के मुताबिक RAM की कीमतें पहले से 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिससे लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें अब तक 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं. मार्च के दौरान कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत और बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि आने वाले महीनों में इसमें करीब 10 प्रतिशत और इजाफा हो सकता है.

इसका असर यह है कि जो लैपटॉप पहले 30,000 से 35,000 रुपये में मिल जाते थे, वे अब करीब 45,000 रुपये तक पहुंच रहे हैं. इससे खासकर स्टूडेंट्स, होम यूजर्स और पहली बार कंप्यूटर खरीदने वालों के लिए अपग्रेड करना मुश्किल हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपोनेंट की कीमतें अगले 6 से 7 क्वार्टर तक ऊंची रह सकती हैं और संभव है कि कीमतों में राहत 2027 की दूसरी छमाही से पहले न मिले.

कीमतें क्यों बढ़ रही हैं

  1. DDR RAM की कीमतों में भारी उछाल
  2. एंट्री-लेवल Intel प्रोसेसर की कमी
  3. AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेमोरी की बढ़ती मांग
  4. डॉलर में उतार-चढ़ाव और महंगाई
  5. पश्चिम एशिया के तनाव और सप्लाई चेन पर असर

हालांकि कंपनियां ग्राहकों पर इसका असर कम करने के लिए कई तरीके अपना रही हैं. कंपनियां नए कॉन्फ़िगरेशन, प्रमोशनल ऑफर और आसान फाइनेंसिंग स्कीम जैसे विकल्प दे रही हैं ताकि डिमांड बनी रहे. इसके बावजूद मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 के अंत तक PC और लैपटॉप की कुल शिपमेंट में 7 से 8 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है क्योंकि बढ़ती कीमतें खरीदारी को रोक सकती हैं.

ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के संस्थापक कैलाश लख्यानी का कहना है कि नवंबर से ही लैपटॉप की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. मेमोरी की कीमत, डॉलर में उतार-चढ़ाव, महंगाई और पश्चिम एशिया के संघर्ष जैसे कारण इस ट्रेंड को और तेज कर सकते हैं. उनका यह भी कहना है कि कुछ मामलों में ग्रे और ब्लैक मार्केट गतिविधियों के कारण असेंबल्ड कंप्यूटर की कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ाई जा रही हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप नया लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी खरीदना बेहतर समय हो सकता है, क्योंकि आने वाले महीनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.



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