
आपको बता दें कि अगर आप जिम जाने के बजाय घर पर एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं तो Nike Training Club आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. इसमें अलग-अलग फिटनेस लेवल के हिसाब से वर्कआउट मिलते हैं. शुरुआती लोगों से लेकर डेली एक्सरसाइज करने वालों तक के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग ऑप्शन मौजूद हैं.

इस तरह के ऐप की सबसे बड़ी खासियत ये है कि आपको हर दिन ये सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि कौन-सी एक्सरसाइज करनी है. आप अपने गोल और समय के अनुसार वर्कआउट चुन सकते हैं. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, मोबिलिटी और बॉडीवेट एक्सरसाइज जैसे ऑप्शन फिटनेस रूटीन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

इसके अलावा सिर्फ एक्सरसाइज करने से फिटनेस का गोल पूरा नहीं होता है. इसके लिए आपकी डाइट भी उतनी ही जरूरी होती है. इसीलिए MyFitnessPal ऐप आपके काम आ सकता है. ये ऐप खाने-पीने की आदतों को ट्रैक करने में मदद करता है. आप दिनभर में क्या खा रहे हैं, कितनी कैलोरी ले रहे हैं और आपके भोजन में कितना पोषण है, इस ऐप की मदद से आप पूरा रिकॉर्ड रख सकते हैं. इसके अलावा वजन कम करने, वजन बढ़ाने या अपनी मौजूदा फिटनेस बनाए रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए फूड लॉगिंग ऐप काफी मददगार हो सकती है.

अगर आपको दौड़ना, पैदल चलना या साइकिल चलाना पसंद है तो Strava जैसे ऐप आपके लिए काफी बेहतरीन साबित हो सकते हैं. ये आपकी एक्टिविटी को रिकॉर्ड करके दूरी, समय और परफॉर्मेंस जैसे आंकड़ों को समझने में मदद करता है.

इससे आपको ये पता चल सकता है कि आपने एक दिन में कितनी दूरी तय की और समय के साथ आपकी परफॉर्मेंस में कितना बदलाव आया है. अपने पुराने रिकॉर्ड की तुलना करने से मोटिवेशन भी बढ़ता है. जो लोग रनिंग या साइकिलिंग को डेली फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी ये ऐप काफी बेहतरीन साबित हो सकता है.

हर दिन कितने कदम चले, कितनी देर एक्टिव रहे और आपकी फिजिकल एक्टिविटी कैसी रही, इन चीजों को समझने के लिए Google Fit ऐप इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आपका काम ज्यादातर समय बैठकर होता है तो एक्टिविटी ट्रैकिंग आपको पूरे दिन ज्यादा चलने-फिरने के लिए मोटिवेट कर सकती है. आप अपने रोजाना के गोल तय कर सकते हैं और धीरे-धीरे अपनी एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं. स्मार्टवॉच या दूसरे फिटनेस डिवाइस के साथ इस्तेमाल करने पर ऐसे ऐप्स से मिलने वाला डेटा और भी काम का हो सकता है.

फिट रहने का मतलब सिर्फ शरीर को मजबूत बनाना नहीं होता है. तनाव कम करना और अच्छे से आराम करना भी फिटनेस का एक जरूरी हिस्सा होता है. Calm जैसे मेडिटेशन और रिलैक्सेशन ऐप इस काम में आपकी मदद कर सकते हैं. इनमें मेडिटेशन, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और रिलैक्सेशन से जुड़े सेशन मिल सकते हैं. दिनभर के काम के बाद कुछ मिनट शांत होकर मेडिटेशन करना तनाव को मैनेज करने की आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है.
Published at : 11 Aug 2026 05:09 PM (IST)
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