- बैटरी सुरक्षा हेतु हमेशा विश्वसनीय चार्जर का ही उपयोग करना चाहिए।
Tech Tips: स्मार्टफोन ने पूरी दुनिया में लोगों की जिंदगी में अपनी एक अलग जगह बना ली है. अब ज्यादातर लोग अपने काम को स्मार्टफोन की मदद से करते हैं. लेकिन अक्सर देखा गया है कि स्मार्टफोन डिस्चार्ज होने पर किसी का फोन जल्दी चार्ज हो जाता है तो किसी का काफी समय लगाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कई फोन के साथ फास्ट चार्जर दिए जाते हैं जो फोन को जल्दी चार्ज करने में सक्षम है. मार्केट में 33 वॉट, 67 वॉट और 100 वॉट जैसे फास्ट चार्जर मौजूद हैं. ऐसे में अब कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर स्मार्टफोन कितने वॉट तक का चार्जर सपोर्ट कर सकता है. आइए जानते हैं पूरी सच्चाई.
कितने Watt तक आते हैं स्मार्टफोन?
आपको बता दें कि आज के स्मार्टफोन में अलग-अलग चार्जिंग पावर देखने को मिलती है. बजट फोन में 10W से 25W तक की चार्जिंग नॉर्मल हो चुकी है जबकि मिड-रेंज और प्रीमियम फोन में 33W, 45W, 67W या 80W जैसी फास्ट चार्जिंग मिलती है.
कुछ खास स्मार्टफोन में अब 100W, 120W या उससे ज्यादा चार्जिंग का सपोर्ट भी देखने को मिलने लगा है. हालांकि, ये पावर हर फोन में नहीं होती है और ये पूरी तरह से कंपनी द्वारा इस्तेमाल की गई बैटरी, चार्जिंग सर्किट और थर्मल मैनेजमेंट पर निर्भर करती है.
फोन की चार्जिंग ताकत होती है तय
दरअसल, किसी भी स्मार्टफोन की मैक्सिमम चार्जिंग स्पीड उसके हार्डवेयर और चार्जिंग टेक्नोलॉजी पर निर्भर करती है. जैसे अगर फोन 33W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है तो 67W या 100W का चार्जर लगाने पर भी फोन नॉर्मली अपनी तय सीमा के अनुसार ही पावर लेगा. इसका मतलब है कि चार्जर की ताकत ज्यादा होने का मतलब ये नहीं होता है कि फोन उतनी ही पावर खींचेगा. फोन और चार्जर के बीच प्रोटोकॉल के जरिए पावर की जरूरत तय होती है.
क्या किसी भी फोन में इस्तेमाल हो सकता है 100W चार्जर
अगर 100W चार्जर किसी भरोसेमंद कंपनी का है और फोन के साथ इस्तेमाल होने वाले चार्जिंग प्रोटोकॉल को सपोर्ट करता है तो ऐसे में आप इस चार्जर को कम चार्जिंग पावर वाले स्मार्टफोन के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि कभी भी लोकल फास्ट चार्जर का इस्तेमाल कम चार्जिंग पावर वाले फोन पर नहीं करना चाहिए. इससे फोन की बैटरी पूरी तरह से खराब हो सकती है.
ज्यादा Watt का चार्जर हमेशा तेज नहीं होता
आपको बताते चलें कि चार्जिंग स्पीड सिर्फ Watt पर निर्भर नहीं करती है. ये बैटरी की कंडिशन, टेंपरेचर, चार्जिंग प्रोटोकॉल, केबल की पावर और फोन का सॉफ्टवेयर पर भी निर्भर करती है. इसके अलावा फोन की बैटरी कम होने पर चार्जिंग ज्यादा तेज हो सकती है लेकिन बैटरी उतनी ही तेज चार्ज होगी जितना उसे पावर चाहिए होता है.
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