फर्जी उम्र बताना अब नहीं चलेगा! Google ला रहा है ये नया सिस्टम

Google Age Verification System: सोशल मीडिया पर कम उम्र वालों की बढ़ती पाबंदी के बीच अब गूगल भी उम्र वेरिफाई करने के लिए एक नया सिस्टम लाने जा रहा है. दरअसल, Google ने Android डेवलपर्स के लिए अपने Age Assurance सिस्टम को दुनिया भर में उपलब्ध कराने की घोषणा की है. बता दें कि इस नई टेक्नोलॉजी मकसद बच्चों और युवाओं को उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित डिजिटल एक्सपीरिएंस प्रदान करना है.

Android ऐप्स होंगे बच्चों के लिए और ज्यादा सुरक्षित

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Google ने Play Signal API को पेश किया है जिससे अब ये पहचानना आसान हो जाएगा कि यूजर किस उम्र का है. हालांकि, अभी इस फीचर को कंपनी ने सिर्फ ब्राजील में उपलब्ध कराया है. लेकिन जल्द ही इसे चरणबद्ध तरीके से दूसरे देशों तक भी पहुंचाया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, इस साल के अंत तक ये लगभग ज्यादातर देशों तक पहुंच जाएगा.

बता दें कि इस टेक्नोलॉजी के आने से Android ऐप डेवलपर्स ऐसे फीचर्स जोड़ सकेंगे जो बच्चों और युवाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित हों.

बिना जन्मतिथि के पता चल जाएगी उम्र

बता दें कि Google का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें यूजर्स की पर्सनल जानकारी शेयर करने की जरूरत नहीं होगी. ऐप डेवलपर्स को किसी की जन्मतिथि, पहचान पत्र या कोई दूसरा डेटा नहीं मिलेगा.

इसके बजाय सिस्टम केवल ये संकेत देगा कि यूजर्स किस आयु स्टेज में आता है जैसे कि बच्चा, युवा या एडल्ट. इससे डेवलपर्स अपनी सर्विस और फीचर्स को उसी हिसाब से तैयार कर सकेंगे. इसके अलावा यूजर की प्राइवेसी पर भी पूरा ध्यान दिया गया है.

Google का बड़ा कदम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूरी दुनिया में अब बच्चों और युवाओं को उनके उम्र के अनुसार डिजिटल कंटेंट दिखाने पर जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा उन्हें डिजिटली कैसे सेफ रखा जाए इस ओर भी कई देश काम कर रहे हैं. इसी कड़ी में गूगल ने भी ये बड़ा कदम उठाया है. इससे पहले Apple भी अपने Age Verification टूल्स को ग्लोबली लॉन्च कर चुका है ताकि अलग-अलग देशों के नए नियमों का पालन किया जा सके.

पैरेंट्स को मिलेगा पूरा कंट्रोल

इतना ही नहीं, Google ने इस नई टेक्नोलॉजी में पैरेंट्स को भी शामिल किया है. अगर किसी बच्चे का Google अकाउंट Family Link से जुड़ा हुआ है तो माता-पिता खुद अपने बच्चे की उम्र को जोड़ सकते हैं.

इसके बाद जिन ऐप्स में Play Signal API का इस्तेमाल होगा वे उसी जानकारी के आधार पर बच्चों के लिए सुरक्षित कंटेंट उपलब्ध करा सकेंगे. सबसे अच्छी बात ये है कि हर ऐप में अलग-अलग जाकर जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Family Link से काम होगा आसान

जानकारी के लिए बता दें कि Google ने यूजर को ऐसा फीचर दिया है जिससे उन्हें बार-बार अपनी जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, गूगल ने सभी उम्र से संबंधित सेटिंग्स को अपने Family Link प्लेटफॉर्म में एक ही जगह उपलब्ध कराया है. इससे माता-पिता को अलग-अलग ऐप्स में जाकर सेटिंग्स बदलने की जरूरत नहीं होगी.

एक बार Family Link में उम्र कैटेगरी की जानकारी ऐड करने के बाद वही जानकारी उन ऐप्स तक पहुंच सकेगी जो इस API को सपोर्ट करते हैं. इससे बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगा.

बिना परमिशन कोई जानकारी नहीं होगी शेयर

आपको बता दें कि Google ने साफ किया है कि उम्र से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी को बिना यूजर की परमिशन के कहीं भी शेयर नहीं किया जाएगा. इसके लिए माता-पिता या यूजर्स की स्पष्ट परमिशन की जरूरत होगी.

इसका साफ मतलब है कि अगर कोई अभिभावक Family Link में ये जानकारी दर्ज नहीं करता है तो डेवलपर्स को कोई उम्र के बारे में जानकारी नहीं मिलेगी. इस तरह कंपनी ने सेफ्टी और प्राइवेसी दोनों के बीच बैलेंस बनाए रखने की कोशिश की है.

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