UP CM launches Project Ganga : Fiber या Satellite से… Project Ganga के जरिए गांवों तक इंटरनेट कैसे पहुंचाएगी योगी सरकार?


Project Ganga : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब गांवों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने की बड़ी तैयारी कर चुकी है. आज के दौर में इंटरनेट लोगों की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है. पढ़ाई से लेकर इलाज, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और रोजगार तक, लगभग हर काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंच चुका है. इसी जरूरत को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत की है. इस योजना का उद्देश्य गांवों और छोटे कस्बों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी डिजिटल सुविधाओं का पूरा फायदा उठा सकें.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि अगर गांवों को डिजिटल रूप से मजबूत बनाया जाए तो वहां रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और कारोबार के नए रास्ते खुल सकते हैं. यही वजह है कि प्रोजेक्ट गंगा को प्रदेश की सबसे बड़ी डिजिटल कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक माना जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि योगी सरकार Fiber या Satellite से Project Ganga के जरिए गांवों तक इंटरनेट कैसे पहुंचाएगी. 

क्या है प्रोजेक्ट गंगा?

प्रोजेक्ट गंगा का पूरा नाम गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट है. यह एक ऐसी योजना है जिसके जरिए राज्य के लाखों परिवारों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा. इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) का नेटवर्क तैयार किया जाएगा. ये स्थानीय युवा अपने-अपने क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं पहुंचाने का काम करेंगे. सरकार का लक्ष्य अगले कुछ सालों में करीब 20 लाख परिवारों तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना है. 

गांव तक इंटरनेट कैसे पहुंचाएगी सरकार?

योगी सरकार इसके लिए मुख्य रूप से फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी. ऑप्टिकल फाइबर केबल्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट गांवों तक पहुंचाया जाएगा. इन केबल्स को स्थानीय स्तर पर डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर्स संचालित करेंगे. जहां फाइबर नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल होगा या चुनौतियां होंगी, वहां आधुनिक वायरलेस तकनीकों और सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाओं का भी यूज किया जा सकता है. हालांकि परियोजना का मुख्य आधार फाइबर नेटवर्क ही रहेगा क्योंकि यह ज्यादा स्थिर और तेज इंटरनेट स्पीड उपलब्ध कराता है. 

हर गांव में बनेंगे डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर

प्रोजेक्ट गंगा की सबसे खास बात यह है कि इसमें बाहरी कंपनियों के जगह स्थानीय युवाओं को शामिल किया जाएगा. सरकार न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में तैयार करेगी. इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण, नेटवर्क स्थापित करने की सुविधा और कारोबार शुरू करने में मदद दी जाएगी.इससे गांवों में ही इंटरनेट सेवाओं का संचालन होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. सरकार इस परियोजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है. योजना के तहत लगभग 50 प्रतिशत डिजिटल उद्यमी महिलाएं होंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाएं भी डिजिटल बिजनेस से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी. 

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इंटरनेट के साथ मिलेंगी कई डिजिटल सेवाएं

यह योजना सिर्फ इंटरनेट देने तक सीमित नहीं है. प्रोजेक्ट गंगा के तहत लोगों को कई आधुनिक डिजिटल सेवाओं का फायदा मिलेगा, जिनमें हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन, सार्वजनिक वाई-फाई सुविधा, आईपीटीवी सेवाएं, ओटीटी प्लेटफॉर्म तक पहुंच, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था, साइबर सिक्योरिटी सेवाएं, सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा भी शामिल हैं. इससे गांवों में रहने वाले लोगों को शहरों जैसी डिजिटल सुविधाएं मिलने लगेंगी. 

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