Reels देखना नहीं रहा खतरे से खाली! इस तरीके से आपको टारगेट कर सकते हैं हैकर


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  • स्कैमर्स रील्स द्वारा फ्री प्रीमियम सॉफ्टवेयर का लालच दे रहे हैं।
  • वीडियो के स्टेप्स फॉलो करने पर मालवेयर निजी डेटा चोरी करता है।
  • विडारस्टीलर जैसे मालवेयर से महत्वपूर्ण जानकारी हैकर्स तक पहुँचती है।
  • फ्री सॉफ्टवेयर दावों, अज्ञात लिंक से सतर्क रहें और रिपोर्ट करें।

Instagram Reels Risks: आप इंस्टाग्राम रील्स देख रहे हैं. अचानक से फीड पर किसी सर्विस के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन को फ्री में पाने का तरीका बताने वाला वीडियो आता है. आप वीडियो में बताए स्टेप्स को फॉलो करते हैं और कुछ दिन बाद पता चलता है कि आपकी फाइनेंशियल इंफोर्मेशन, पासवर्ड और दूसरे क्रेडेंशियल गलत हाथों में पहुंच गए हैं. फिर आप सोचते रह जाते हैं कि आखिर पासवर्ड और दूसरी जानकारी लीक कैसे हुई और आखिर ये हो कैसे रहा है? रिसर्चर ने पता लगाया है कि इसके पीछे स्कैमर का पूरी तरह प्लान किया हुआ कैंपेन चल रहा है.

रील्स के जरिए किया जा टारगेट

रिवर्सिंग लैब्स के रिसर्चर के मुताबिक, इन दोनों दो अलग-अलग साइबर क्राइम कैंपेन चल रहे हैं. ये टिकटॉक वीडियो और रील्स के जरिए लोगों को टारगेट कर रहे हैं. पहले यूजर्स को ट्यूटोरियल वाला शॉर्ट वीडियो दिखाया जाता है और फिर मलेशियस वेबसाइट के जरिए उनके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल किया जाता है. यह मालवेयर यूजर की सारी जानकारी हैकर तक पहुंचाता रहता है. चूंकि इंस्टाग्राम आदि पर ट्यूटोरियल वीडियो बहुत आम है तो यूजर्स को हैकर्स की चाल समझ भी नहीं आती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स इसके लिए VidarStealer नाम के इंफोस्टीलर का यूज कर रहे हैं. इसका यूज कर लोगों को टारगेट करना आसान और फास्टर हो गया है. 

सोशल मीडिया पर कैसे आया यह खतरा?

हैकर्स वीडियो में पॉपुलर सॉफ्टवेयर और ऐप्स के पेड सब्सक्रिप्शन को फ्री में देने का दावा करते हैं. सोशल मीडिया पर इस तरह के लाखों वीडियो मौजूद हैं. वीडियो में किसी प्रकार की गड़बड़ दिखाई नहीं देती और यह दूसरी रील्स जैसा ही दिखता है. चूंकि सोशल मीडिया पर करोड़ों लोग रोजाना घंटों बीताते हैं, इसलिए स्कैमर के पास भी टारगेट करने के लिए ज्यादा बड़ा यूजर ग्रुप हो जाता है. स्कैमर को इस तरीके से न तो बल्क ईमेल करने होते हैं और न ही उन्हें हर यूजर के पास कॉल करने की जरूरत होती है.

क्या है ऐसे स्कैम से बचाव का तरीका?

सोशल मीडिया पर ऐसे स्कैम आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं. एआई टूल्स के आने के बाद अब सॉफिस्टिकेटेड ऑपरेशन के लिए हैकर्स को टेक्नीकल नॉलेज होने की जानकारी भी जरूरी नहीं है. इसलिए स्कैम से बचाव में कुछ सावधानियां काम आ सकती हैं-

  • इस बात का ध्यान रखें कि रील्स आदि तरीकों से सोशल मीडिया पर स्कैम हो सकता है.
  • फ्री सॉफ्टवेयर, ऐप्स या उनके क्रैक्ड वर्जन का दावा करने वाले वीडियो से सतर्क रहें.
  • संदिग्ध वीडियो और अकाउंट को रिपोर्ट कर रहें.
  • किसी भी अनजान लिंक और सोर्स से फाइल्स डाउनलोड न करें.

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