Raebareli : बेसिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आज रायबरेली में “निपुण सम्मान दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख अधिकारी और शिक्षक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता और भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद पीएम श्री विद्यालय रोझैया भीखम शाह, जगतपुर के छात्रों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
प्राथमिक विद्यालय बेहटा खुर्द (विकास क्षेत्र राही) के बच्चों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
शिक्षा में रायबरेली की स्थिति
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने बताया कि निपुण विद्यालयों की संख्या के आधार पर रायबरेली ने राज्य स्तर पर 16वीं रैंक हासिल की है, जबकि प्रतिशत के आधार पर जिले की 30वीं रैंक है।
लखनऊ मंडल में रायबरेली दूसरे स्थान पर है, जो जिले के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि कक्षा 1 और 2 के कुल 32,398 विद्यार्थियों का निपुण आकलन किया गया, जिसमें से 24,022 छात्र (लगभग 74.15%) निपुण घोषित किए गए हैं।
625 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक सम्मानित
इस विशेष अवसर पर जिले के 625 निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अतिथियों के प्रेरणादायक संदेश
मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित किया।
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी ने कहा कि सरकार बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक द्विवेदी और कंचन सिंह ने किया। अंत में खंड शिक्षा अधिकारी राही बृजलाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान जिले के कई शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें विभिन्न विकास क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारी और डायट से जुड़े अधिकारी शामिल थे।