
NASA Artemis II Splashdown: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का आर्टेमिस II मिशन अब पूरा हो गया है। जिसके बाद आज शनिवार को चारों अंतरिक्ष यात्री अब धरती पर सुरक्षित भी उतर चुके हैं। गौरतलब है कि प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया के शहर San Diego तट के पास शनिवार सुबह 5.37 पर स्प्लैशडाउन सफलतापूर्वक हुआ। नासा का ओरियन कैप्सूल पैराशूट की मदद से समंदर के तट पर उतरा।
किसी अंतरिक्ष यान को समुद्र में सुरक्षित उतरने की प्रक्रिया को स्प्लैशडाउन कहा जाता है।
10 दिन के लिए चांद की यात्रा पर गए थे 4 अंतरिक्ष यात्री
नासा आर्टेमिस II मिशन कर लिए रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कॉश और जेरेमी हैनसेन समेत कुल 4 अंतरिक्ष यात्री 10 दिन के लिए चांद की यात्रा पर गए थे। यह यात्रा भूतकाल की चांद यात्राओं से अलग थी क्यूंकि इस बार 54 वर्ष बाद इंसान फिर से चांद के सबसे करीब पहुंचा। यही कारण था कि 7 अप्रैल को चांद पर पहुंचते ही चारों अंतरिक्ष यात्री ने इतिहास रच दिया था।
चांद पर नहीं उतरे अंतरिक्ष यात्री
हालांकि नासा के आर्टेमिस-2 मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरे थे, बल्कि उन्होंने अपने ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंदर बैठे-बैठे ही चांद की परिक्रमा की थी। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में लूनर फ्लायबाय कहा जाता है। भारतीय समय अनुसार 7 अप्रैल को सुबह 12:15 (am) बजे सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के चारों ओर परिक्रमा की थी।
यह मिशन भविष्य के लिए एक नींव की तरह काम करेगा
इस बार भले ही अंतरिक्ष यात्री चांद के इस क्षेत्र की सतह पर नहीं उतरे लेकिन फिर भी नासा आर्टेमिस-2 मिशन की सफलता भविष्य के बड़े मिशन के लिए एक नींव की तरह काम करेगा। नासा के अनुसार अब अगली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की इसी सतह पर उतरा जाएगा।