
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई कंपनियां आपकी लोकेशन का इस्तेमाल ये जानने के लिए करती हैं कि आप किन जगहों पर जाते हैं और किस तरह की चीजों में इंट्रेस्ट रखते हैं. इसके आधार पर आपको लगातार टारगेटेड ऐड दिखाए जाते हैं. इससे आपकी निजी जानकारी का कॉमर्शियल इस्तेमाल होने लगता है.

अगर किसी कारण से आपका अकाउंट या डिवाइस हैक हो जाए तो आपकी लाइव लोकेशन गलत लोगों तक पहुंच सकती है. इससे साइबर अपराधी आपकी एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं और धोखाधड़ी या दूसरे अपराधों को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं.

आपको बता दें कि अगर Location Sharing हमेशा ऑन रहती है तो कई ऐप्स ये जान सकती हैं कि आप कब घर से निकलते हैं, कहां जाते हैं और कितनी देर तक किसी जगह पर रुकते हैं. इससे आपकी डेली की एक्टिविटी का पूरा पैटर्न तैयार किया जा सकता है जो आपकी प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा है.

इसके अलावा अगर आपकी लोकेशन किसी अनजान व्यक्ति या ऐसे ऐप तक पहुंच जाए जो सेफ नहीं है तो ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप घर पर हैं या बाहर. ऐसी जानकारी का गलत इस्तेमाल चोरी या दूसरे अपराधों के लिए किया जा सकता है. इसलिए लोकेशन केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही शेयर करना चाहिए.

बता दें कि लोकेशन सर्विस लगातार चालू रहने से फोन का GPS बार-बार एक्टिव रहता है. इससे स्मार्टफोन की बैटरी भी काफी तेजी से खत्म होती है और कुछ ऐप्स बैकग्राउंड में इंटरनेट डेटा का भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसका असर फोन की परफॉर्मेंस पर भी पड़ सकता है.

आपकी बता दें कि अगर आप भी ऐसे खतरों से बचना चाहते हैं तो Location Sharing केवल जरूरत पड़ने पर ही ON करें. ऐप्स को While Using the App जैसी सीमित लोकेशन परमिशन दें. समय-समय पर फोन की App Permissions को चेक करते रहें. जिन ऐप्स को लोकेशन की जरूरत नहीं है उनकी परमिशन हटा दें. केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही Live Location साझा करें.
Published at : 20 Jul 2026 03:50 PM (IST)