नई दिल्ली : ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अब भारत के ऊर्जा सेक्टर पर भी साफ दिखने लगा है। देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, वहीं कई जगहों पर कालाबाजारी की खबरें भी सामने आ रही हैं। लेकिन इसी बीच एक राहत भरी खबर आई है—भारत के दो बड़े LPG टैंकर जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर देश की ओर रवाना हो सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय टैंकर
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग डेटा और ट्रेड सूत्रों के अनुसार, भारतीय झंडे वाले दो LPG जहाज जल्द ही अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर सकते हैं। ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके अरब सागर के रास्ते भारत पहुंचेंगे। यह कदम ऐसे समय में बेहद अहम माना जा रहा है, जब इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
शारजाह के पास तैनात हैं दोनों जहाज
जानकारी के मुताबिक, “पाइन गैस” और “जग वसंत” नाम के दोनों LPG टैंकर इस समय संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह के पास खड़े हैं।
जहाज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के डेटा से संकेत मिलता है कि ये टैंकर अपनी यात्रा शुरू करने की तैयारी में हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ये जल्द ही भारत के लिए रवाना हो सकते हैं, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किस कंपनी के हैं ये टैंकर?
- जग वसंत जहाज को भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने चार्टर किया है
- पाइन गैस का संचालन इंडियन ऑयल (IOC) द्वारा किया जा रहा है
दोनों कंपनियों ने इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सरकार का बयान: सुरक्षित आवाजाही हमारी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के पक्ष में है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर वैश्विक नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
LPG सप्लाई पर क्यों बना संकट?
- ईरान-इजरायल तनाव के कारण शिपिंग रूट प्रभावित
- होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा जोखिम बढ़ा
- सप्लाई में देरी से बाजार में घबराहट
- कई जगहों पर गैस की कालाबाजारी शुरू
राहत की उम्मीद क्यों?
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में ईरान ने भारतीय जहाजों को इस रूट से गुजरने की अनुमति दी थी। इससे संकेत मिलता है कि बातचीत के जरिए केस-बाय-केस आधार पर समाधान निकाला जा रहा है।
अगर ये दोनों टैंकर सुरक्षित भारत पहुंचते हैं, तो देश में LPG सप्लाई की स्थिति काफी हद तक सामान्य हो सकती है।