- स्मार्टफोन लगातार महंगे हो रहे, त्योहारी छूट संभव नहीं।
- कार्ल पेई: मेमोरी अब फोन का सबसे महंगा हिस्सा।
- एआई डेटा सेंटर से चिप कमी, फोन की कीमतें बढ़ीं।
Smartphone Prices: बहुत-से लोग नया स्मार्टफोन खरीदने के लिए फेस्टिव सीजन का इंतजार करते हैं. इस सीजन में फ्लिपकार्ट और अमेजन समेत सभी ई-कॉमर्स कंपनियां फोन पर शानदार डिस्काउंट ऑफर करती हैं, जिससे कीमत काफी कम हो जाती है. हालांकि, इस बार ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है. बीते कुछ महीनों से मोबाइल फोन लगातार महंगे हो रहे हैं और इनकी कीमत में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है. Nothing के सीईओ कार्ल पेई भी एक ताजा पोस्ट में ऐसे संकेत दे रहे हैं. उनके अलावा दूसरे एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट भी इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि मोबाइल खरीदना मुश्किल होने वाला है.
मेमोरी की बढ़ी लागत ने बढ़ाईं मुश्किलें- पेई
महंगे होते स्मार्टफोन्स को लेकर पैई ने कहा यह सिर्फ शुरुआत है. मेमोरी अब फोन का सबसे महंगा कंपोनेंट बन गया है. इसकी कीमत प्रोसेसर और डिस्प्ले से भी ज्यादा हो गई है. फोन के टोटल हार्डवेयर में से 50 प्रतिशत कॉस्ट सिर्फ मेमोरी की पड़ रही है. अभी तक प्रोसेसर और डिस्प्ले ही सबसे महंगे पार्ट्स माने जाते थे, लेकिन अब मेमोरी चिप्स की लागत इन्हें पीछे छोड़ चुकी है.
डिस्काउंट की उम्मीद न करें- पेई
पेई ने अपनी पोस्ट में लिखा कि फेस्टिव सीजन में डिस्काउंट की उम्मीद कर रहे कंज्यूमर को निराशा हाथ लगेगी. फोन के दाम बढ़ रहे हैं और अगले साल तक बढ़ते रहेंगे. भारत की बात करें तो 30,000 रुपये से महंगी कीमत के फोन की कीमतें 7,000 रुपये तक बढ़ गई हैं. ऐसे में कंपनियों को मुश्किल च्वॉइस का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें या तो कीमत बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा. ऐसा न करने पर फोन के फीचर में कटौती करनी पड़ेगी.
हर महीने महंगे हो रहे हैं मोबाइल
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले साल फोन के दाम स्थिर रहे थे और आमतौर पर पहली तिमाही में लॉन्च हुए फोन की कीमतें सितंबर तक करीब 5 प्रतिशत तक कम हो जाती थीं. इस साल यह ट्रेंड ही बदल गया है. 2026 में 79 मॉडल महंगे हुए हैं, जबकि केवल 18 की कीमतें कम हुई हैं. इसके अलावा इस साल जनवरी से लेकर मई तक हर महीने फोन के दाम बढ़े हैं और 5 महीनों में ही कीमतों में 7.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज हुआ है.
क्यों महंगे हो रहे हैं फोन?
एआई डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में चिप की जरूरत पड़ती है. इस जरूरत को पूरा करने के लिए चिप निर्माता कंपनियों ने कंज्यूमर मार्केट यानी लैपटॉप और स्मार्टफोन आदि में यूज होने वाली चिप्स का प्रोडक्शन कम कर दिया. अब उनका पूरा फोकस एआई डेटा सेंटर के लिए चिप बनाने पर है. इस कारण स्मार्टफोन आदि डिवाइसेस के लिए चिप की कमी हो गई और इनकी कीमतें आसमान छूने लगीं.
ये भी पढ़ें-
क्या फोन पर नहीं आएगा इमरजेंसी अलर्ट मैसेज? Cell Broadcasting Service हो गई बंद