CJP Viral News: 48 घंटे में 1 लाख लोग जुड़े, सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रही पार्टी

CJP Viral News। सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड कर रही है। दो दिन पहले यह सोशल मीडिया पर ही बनी और अब तक 1लाख से ज्यादा लोग इसे जॉइन कर चुके हैं। ‘X’ और इंस्टाग्राम पर इसके 50-50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। हर मिनट के साथ इन आंकड़ों में इजाफा होता जा रहा है। इन सब के बीच दिलचस्प बात यह कि ये कोई चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक डिजिटल मूवमेंट है, जिसे महज एक मजाक के तौर पर शुरू किया गया था।

एक टिप्पणी की आलोचना के तौर पर यह सब शुरू हुआ। दरअसल, भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।

CJI की यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगी थी। युवा अपने-अपने अंदाज में इस टिप्पणी का प्रोटेस्ट कर रहे थे। यानी कोई लंबे-चौड़े पोस्ट के जरिए तो कोई मीम के जरिए इस बयान का विरोध करने लगे। देखते ही देखते यह विरोध सत्ता-विरोधी व्यंग्य में बदल गया। इसी बीच कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स और मीम पेजों ने मजाकिया अंदाज में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से डिजिटल कैंपेन शुरू कर दिया। इसी के अगले दिन यानी 16 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ उभरकर सामने आ गई।

Image
अभिजीत दिपके नामके एक शख्स ने यह पार्टी बनाई। उनके सोशल मीडिया खंगाले तो वह राजनीतिक उठापटक पर कमेंट करते रहते हैं। उन्होंने पुणे से ग्रेजुएशन किया और फिर बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर डिग्री ली। अभिजीत को पहली पहचान दिल्ली में साल 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद मिली। इस चुनाव में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए सोशल मीडिया कैंपेन की जिम्मेदारी संभाली थी।

कैसे आगे बढ़ी?
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि वह कॉकरोचों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रहे हैं। उन्होंने इसमें शामिल होने के लिए लिंक शेयर किया, जिसमें नाम, फोन नंबर और सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी देकर अप्लाई किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया भी दिया। इसके तहत पार्टी में शामिल होने के लिए कैंडिडेट को बेरोजगार, आलसी, पूरे वक्त ऑनलाइन और प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालते आना चाहिए।

कुछ ही घंटों में कॉकरोच जनता पार्टी का ऑफिशियल हैंडल लॉन्च कर दिया गया। अगले ही दिन पार्टी की वेबसाइट भी बनकर तैयार हो गई, जिसमें पार्टी का मेनिफेस्टो दिखाई दिया। इन सब के बीच पार्टी ने अपना चुनाव चिन्ह भी रिलीज कर दिया।

Image
CJP ने अपना इलेक्शन सिंबल मोबाइल फोन रखा है। इसमें काक्रोच भी नजर आ रहा है। यह चिन्ह 17 मई को जारी किया गया।

क्या है पार्टी की विचारधारा?
पार्टी की ऑफिशियल वेबसाइट खोलते ही बड़े-बड़े अक्षरों में दिखाई देता है- आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज। इसके साथ ही लिखा हुआ है- ‘एक ऐसा राजनीतिक दल जो उन लोगों के लिए काम करेगा, जिसे सरकार भूल गई है। पांच डिमांड है, कोई स्पॉन्सर नहीं है, बस बड़ा और जिद्दी झूंड है।’

यहां इस अभियान का विजन भी लिखा गया है- ‘हम यहां एक और PM CARES जैसा ढांचा खड़ा करने, टैक्स भरने वालों की कमाई पर दावोस में छुट्टियां मनाने या भ्रष्टाचार को रणनीतिक खर्च का नया नाम देने नहीं आए हैं। हम यहां सिर्फ एक सवाल उठाने आए हैं कि आखिर पैसा कहां गया है?’

इसमें यह भी लिखा गया है- ‘हम उन युवाओं के लिए एक दल होंगे, जिन्हें बार-बार आलसी, हर समय ऑनलाइन रहने वाला और कॉकरोच कहा जा रहा है। बस, यही मकसद है। बाकी सब व्यंग्य है।’

CJP ने अपने मेनिफेस्टो में 5 बातें लिखी है…

  1. अगर CJP सत्ता में आती है, तो किसी भी चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद इनाम के तौर पर राज्यसभा सीट नहीं दी जाएगी।
  2. यदि किसी भी वेलिड वोट को हटाया जाता है, चाहे वह CJP शासित राज्य में हो या विपक्ष शासित राज्य में, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि नागरिकों के मतदान अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं है।
  3. महिलाओं को 33% नहीं, बल्कि 50% आरक्षण दिया जाएगा। संसद की कुल सीटों की संख्या बढ़ाए बिना यह किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल के 50% पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
  4. रिलायंस इंडस्ट्रीज और अडानी ग्रुप के मालिकाना हक वाले सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया के लिए जगह बनाई जा सके। ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक खातों की जांच कराई जाएगी।
  5. कोई भी विधायक या सांसद जो एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है, उसे 20 सालों तक चुनाव लड़ने और किसी भी सार्वजनिक पद से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

क्या यह एक Gen Z मूवमेंट की तरह आकार ले रहा है?
फिलहाल, आम से लेकर खास तक ढेरों इंटरनेट यूजर्स इसे जॉइन कर रहे हैं। इस लिस्ट में TMC सांसद महुआ मित्रा और कीर्ति आजाद जैसे नाम भी हैं। संख्या बढ़ने के साथ ही पार्टी के ऑफिशियल हैंडल से युवाओं के मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। जैसे NEET पेपर लीक को लेकर सवाल पूछे गए हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर जो भी लोग सुझाव दे रहे हैं, उसे भी पार्टी के एजेंडे में शामिल किया जा रहा है।

इन सब के बीच पार्टी के ऑफिशियल हैंडल से Gen Z का जिक्र लगातार हो रहा है। इन्हें सत्ता के खिलाफ एकजुट करने की कोशिश नजर आ रही है। पिछले महीनों में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने Gen Z को मोदी सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था। ऐसे में CJP का अचानक सामने आना और इस तरह वायरल होना Gen Z मूवमेंट की आहट हो सकती है।

बहरहाल, यह सब एक व्यंग्य के तौर पर चल रहा है लेकिन इससे यह साबित हो गया है कि सोशल मीडिया पर सत्ता विरोधी लहर के सहारे लोगों को एकजुट कर राजनीतिक बिसात बिछाई जा सकती है। अभी तो यह एक ऑनलाइन प्रोटेस्ट मूवमेंट नजर आ रहा है, क्या यह जमीन पर उतरता है, यह देखना दिलचस्प होगा।