AC महंगे होंगे! गैस कमी से बढ़ेगा संकट

गर्मी तेजी से बढ़ रही है, और एसी बनाने वाली कंपनियां अब गैस की कमी से काफी परेशान हैं. खबर है कि पश्चिम एशिया में चल रहे झगड़ों की वजह से भारत में एलपीजी (LPG) और कुछ खास केमिकल्स की सप्लाई कम हो गई है. ये चीजें एसी बनाने में बहुत काम आती हैं. गर्मी का पीक टाइम (अप्रैल-मई) आने वाला है, जब लोग सबसे ज्यादा एसी खरीदते हैं, लेकिन अगर गैस की दिक्कत बनी रही तो प्रोडक्शन रुक सकता है और एसी महंगे हो सकते हैं. इससे आम लोग और पूरी इंडस्ट्री दोनों को नुकसान होगा.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपनी 88% एलपीजी विदेश से लाता है, और उसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है. वहां के तनाव से जहाजों का आना-जाना मुश्किल हो गया है. एसी में एलपीजी का इस्तेमाल कॉपर के जोड़ मजबूत करने और पाउडर कोटिंग सुखाने के लिए होता है.

साथ ही प्लास्टिक के पार्ट्स बनाने के लिए पेट्रोकेमिकल्स (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन) भी जरूरी हैं. अभी तक बड़ा प्रोडक्शन लॉस नहीं हुआ है, लेकिन कंपनियां चिंता में हैं.

PG Electroplast के एक बड़े अधिकारी विकास गुप्ता ने कहा, ‘हम रोज प्रोडक्शन में दिक्कत महसूस कर रहे हैं. एलपीजी और PNG की कमी से काम प्रभावित हो रहा है, और केमिकल्स भी कम मिल रहे हैं. हम सप्लायर्स से बात करके इसे कम करने की कोशिश कर रहे हैं.’

गोदरेज के कमल नंदी ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव से रॉ मटेरियल्स की सप्लाई में समस्या आ रही है, जिससे प्लास्टिक की चीजें महंगी हो गई हैं.

Epack Durable के अजय सिंहानिया कहते हैं कि वे अब वैकल्पिक तरीके आजमा रहे हैं, जैसे कॉपर जोड़ने के दूसरे तरीके, लेकिन इससे बनाने की लागत बढ़ जाती है.

ब्लू स्टार के बी. थियागराजन ने भी कहा कि इंडस्ट्री में सप्लाई की दिक्कत का डर है. पहले से ही नए एनर्जी नियमों की वजह से एसी की कीमतें 5% बढ़ चुकी हैं.

अगर कमोडिटी महंगी हुई तो और 8-10% तक इजाफा हो सकता है. गर्मी लंबी चलने की आशंका है (कुछ जगहों पर एल नीनो का असर भी), तो डिमांड बहुत बढ़ेगी, लेकिन सप्लाई कम होने से स्टॉक खत्म हो सकता है.कंपनियां अब दूसरे देशों से माल लाने या वैकल्पिक चीजों पर फोकस कर रही हैं.

कुछ इंडक्शन कुकटॉप्स जैसी दूसरी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं. लेकिन कुल मिलाकर, आम आदमी के लिए ये मुश्किल समय है- गर्मी से बचने के लिए एसी चाहिए, लेकिन पैसे ज्यादा लगेंगे. उम्मीद है कि जल्द हालात ठीक होंगे, वरना पीक सीजन में एसी महंगे और कम मिलने की समस्या बढ़ सकती है.