AC चलाने का सही तरीका: लू और बारिश में ये 7 गलतियां बढ़ा देंगी बिजली बिल, जानिए Cool Mode और Dry Mode कब करें इस्तेमाल

आजकल मौसम का मिजाज बड़ी तेजी से बदल रहा है. अभी नोएडा में 34 डिग्री सेल्सियस की तेज धूप है और अगले ही पल बारिश आने की संभावना लगने लगती है. ऐसे में सबसे ज्यादा दबाव हमारे घर के एयर कंडीशनर (AC) पर पड़ता है. लोग अक्सर गर्मी लगते ही AC को सीधे 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है. जब बाहर 40 डिग्री से ज्यादा की लू चल रही हो, तो आपको अपने AC को 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए. ऐसा करने से कंप्रेसर पर फालतू लोड नहीं पड़ता और आपका बिजली का बिल भी कंट्रोल में रहता है. सबसे बड़ी बात यह है कि कम टेम्परेचर सेट करके अचानक बाहर निकलने पर शरीर को हीट शॉक (Heat Shock) लग सकता है, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं.

जब बाहर गर्म हवाएं चल रही हों, तो शुरुआत में AC की पंखे की रफ्तार (Fan Speed) को हाई पर रखें. इससे कमरे का कोना-कोना जल्दी ठंडा हो जाता है. एक बार जब आपको लगे कि कमरा कंफर्टेबल तापमान पर आ गया है, तो फैन स्पीड को मीडियम पर कर दें. इस दौरान एक बात का खास ख्याल रखें कि लू के मौसम में सिर्फ कूल मोड (Cool Mode) का ही इस्तेमाल करें. ड्राई मोड (Dry Mode) इस वक्त बिल्कुल न चलाएं, क्योंकि लू के दौरान हवा पहले से ही बहुत ज्यादा सूखी होती है. अगर आप ड्राई मोड चलाएंगे तो कमरे की हवा और ज्यादा ड्राई हो जाएगी जो आपकी स्किन और गले के लिए सही नहीं है.

गर्मी के मौसम में कूलिंग को कमरे अंदर बनाए रखना एक चुनौती होती है. लू के दौरान घर की सभी खिड़की और दरवाजे मजबूती से बंद रखें. जिन दिशाओं से सीधी धूप कमरे में आती है, वहां मोटे पर्दे डाल दें, ताकि सूरज की तपिश अंदर न आ पाए. अगर आप ऑफिस या बाहर से घर आ रहे हैं, तो टाइमर का स्मार्ट इस्तेमाल करें. घर पहुंचने से करीब 20 से 30 मिनट पहले AC ऑन करने का शेड्यूल सेट करें. इससे घर पहुंचते ही आपको ठंडक मिलेगी और आपको जल्दबाजी में AC को सबसे कम टेम्परेचर पर चलाने की जरूरत नहीं महसूस होगी.

जैसे ही बारिश शुरू होती है, बाहर का तापमान गिरकर 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक आ जाता है, लेकिन हवा में नमी (Humidity) बहुत बढ़ जाती है. इस मौसम में सबसे ज्यादा काम आता है ड्राई मोड. ज्यादातर रिमोट पर बूंद के निशान से इस मोड को दर्शाया गया होता है. बारिश में AC को 28 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें या फिर इसे ड्राई मोड पर चलाएं. यह मोड कमरे की चिपचिपाहट को सोख लेता है और तापमान को बहुत ज्यादा गिराए बिना आपको बेहतरीन सुकून देता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस मोड में बिजली की खपत भी काफी कम होती है.

बारिश के दौरान अक्सर बिजली आती-जाती रहती है. ऐसे में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से अपने कीमती AC को बचाने के लिए एक अच्छा वोल्टेज स्टैबलाइज़र (Voltage Stabilizer) जरूर लगवाएं. अगर बिजली अचानक चली जाए और तुरंत वापस आ जाए, तो AC को एकदम से ऑन न करें. कम से कम 5 मिनट का इंतजार करें, ताकि कंप्रेसर का प्रेशर स्टेबल हो सके. साथ ही, जैसे ही बारिश शुरू हो, कमरे की खिड़कियां तुरंत बंद कर दें, क्योंकि बाहर की नमी अगर अंदर आ गई, तो AC को उसे सुखाने के लिए दोगुनी मेहनत और ज्यादा बिजली खर्च होगी.

चाहे लू का मौसम हो या बारिश का, बिजली बचाने के कुछ सुनहरे नियम हमेशा याद रखें. AC को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाना सबसे किफायती माना जाता है. रिसर्च कहती है कि हर 1 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर बढ़ाने पर आप करीब 6 फीसदी बिजली बचा सकते हैं. रात के समय स्लीप मोड (Sleep Mode) का इस्तेमाल जरूर करें, क्योंकि यह मोड रात भर धीरे-धीरे तापमान को बढ़ाता है, जिससे आपको सुबह-सुबह ठंड नहीं लगती और बिजली भी बचती है. इसके अलावा, अपने AC के फिल्टर को हर दो हफ्ते में साफ करें. फिल्टर गंदा होने से एसी 15 से 20 डिग्री तक ज्यादा बिजली खा लेता है.

मौसम बदलने पर AC की सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है. लू के बाद अचानक बारिश आने पर अपनी प्लानिंग बदलें. अगर लू के बाद बारिश शुरू हो जाए, तो पहले AC बंद करें और 10 मिनट बाद उसे ड्राई मोड पर चलाएं. अगर बारिश रुकने के बाद फिर से लू चलने लगे, तो वापस कूल मोड पर शिफ्ट हो जाएं. ध्यान दें कि आपके आउटडोर यूनिट पर सीधी धूप न पड़े, अगर वहां छाया होगी तो कूलिंग काफी बेहतर मिलेगी. साथ ही इस बदलते मौसम में गैस लीक की समस्या भी आम है, इसलिए अगर कूलिंग कम लगे तो तुरंत किसी प्रोफेशनल टेक्निशियन को बुलाकर चेक करवाएं.

अगर आपके आउटडोर यूनिट के पास बारिश का पानी जमा हो रहा है, तो उसे तुरंत साफ करें. लू के दिनों में अगर आप AC को लगातार 8 घंटे से ज्यादा चला रहे हैं, तो मशीन को 1 घंटे का ब्रेक देना फायदेमंद होता है, जो एसी की लाइफ बढ़ा देता है. छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर आप न सिर्फ अपने AC को सालों साल सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि अपने बैंक बैलेंस को भी भारी बिजली बिल से बचा सकते हैं.