अगर आप रोज 6-8 घंटे AC चलाते हैं, तो 5-स्टार इन्वर्टर मॉडल लंबे समय में काफी बचत करा सकता है. आइए जानते हैं वे 4 बड़ी गलतियां, जिनसे बचना चाहिए.
केवल टन (Capacity) देखकर AC खरीदना- कई लोग 1 टन, 1.5 टन या 2 टन देखकर ही फैसला कर लेते हैं. जबकि कमरे का साइज, छत की ऊंचाई, धूप की दिशा और इंसुलेशन भी अहम हैं.
1 टन: 100-120 वर्गफुट, 1.5 टन: 120-180 वर्गफुट और 2 टन: बड़े कमरे बहुत छोटा AC लगातार चलेगा और ज्यादा बिजली खपत करेगा, जबकि बड़ा AC बार-बार ऑन/ऑफ होकर ऊर्जा बर्बाद करेगा.
स्टार रेटिंग को नजरअंदाज करना- नई BEE गाइडलाइन (2026) के बाद स्टार रेटिंग और सख्त हो गई है. 5-स्टार AC कम बिजली खपत करता है. 3-स्टार मॉडल शुरुआत में सस्ता लगता है, लेकिन 2-3 साल में ज्यादा बिजली बिल इसकी भरपाई कर देता है. हमेशा ISEER वैल्यू जांचें और 5-स्टार इन्वर्टर मॉडल को प्राथमिकता दें.
इन्वर्टर टेक्नोलॉजी को नजरअंदाज करना- नॉन-इन्वर्टर AC सस्ता जरूर होता है, लेकिन कंप्रेसर बार-बार ऑन/ऑफ होता है, जिससे बिजली खपत बढ़ती है. इन्वर्टर AC स्पीड एडजस्ट करता है, तेजी से कूलिंग देता है और 30-50% तक बिजली बचा सकता है. लंबी अवधि के लिए इन्वर्टर बेहतर ऑप्शन है.
ब्रांड, सर्विस और फीचर्स को कम आंकना- सिर्फ कीमत देखकर खरीदना गलत है. सर्विस सेंटर की उपलब्धता, 10 साल तक कंप्रेसर वारंटी, कॉपर कंडेंसर, ऑटो-क्लीन और एंटी-बैक्टीरियल फीचर जरूर जांचें. गलत इंस्टॉलेशन भी बिजली बिल बढ़ा सकता है.