क्या है मर्सिनरी स्पाइवेयर? Apple ने 110 देशों के यूजर्स को भेजा थ्रेट नॉटिफिकेशन, क्या है अटैक के मायने


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क्या है मर्सिनरी स्पाइवेयर? Apple का थ्रेट नॉटिफिकेशन, जानें क्या है मायने

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एप्पल ने हाल में 110 देशों के यूजर्स को थ्रेट नॉटिफिकेशन भेजा. इस नोटिफिकेशन के जरिए एप्पल ने आगाह किया कि उनके iPhone पर मर्सिनरी स्पाइवेयर का अटैक हो सकता है. यह वायरस बहुत खतरनाक होता है. इसका अटैक सिर्फ अकाउंट से पैसे चुराने के लिए नहीं होता है बल्कि जासूसी के लिए होता है. यहां हम आपको एप्पल थ्रेट नोटिफिकेशन और मर्सिनरी स्पाइवेयर के बारे में बता रहे हैं. साथ ही इससे कैसे बचाव कर सकते हैं? यहां जानिए सबकुछ.

क्या है मर्सिनरी स्पाइवेयर? Apple का थ्रेट नॉटिफिकेशन, जानें क्या है मायनेZoom

एप्पल ने हाल में अपने कई यूजर्स को थ्रेट नॉटिफिकेशन भेजे.

Apple ने हाल ही में अपने उन कस्टमर्स को नोटिफ़िकेशन भेजे जिनके डिवाइस पर स्पाइवेयर अटैक होने का शक था. बाद में एप्पल ने कन्फर्म किया कि उसने गुरुवार को 110 देशों में टारगेट किए गए यूज़र्स को ये नोटिफ़िकेशन भेजे. कंपनी ने आज के सबसे खतरनाक डिजिटल अटैक मर्सिनरी स्पाइवेयर के बारे में बताया. क्या आपको भी एप्पल थ्रेट नोटिफ़िकेशन मिला? इसका असल में क्या मतलब है? यहां हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं. आखिर इस तरह के नोटिफिकेशन क्यों भेजे जाते हैं? अगर आपको ऐसा अलर्ट मिले तो आपको क्या करना चाहिए.

मर्सिनरी स्पाइवेयर क्या है?

सबसे पहले इस वायरस के बारे में जानते हैं. मर्सिनरी स्पाइवेयर (Mercenary Spyware) एक हाई टेक्नो और घातक डिजिटल जासूसी टूल (Malware) है. इसे आमतौर पर व्यावसायिक कंपनियों (जैसे NSO Group का Pegasus) द्वारा विकसित किया जाता है और केवल सरकारों या सरकारी एजेंसियों को बेचा जाता है. साधारण साइबर अपराध या स्पैम के विपरीत, मर्सिनरी स्पाइवेयर का मकसद आम लोगों से पैसे चुराना नहीं, बल्कि विशिष्ट उच्च-मूल्य वाले व्यक्तियों (High-Value Targets) की जासूसी करना होता है.

मर्सिनरी स्पाइवेयर की खासियतः

  1. जीरो-क्लिक अटैक (Zero-Click Attack): इसे इंस्टॉल करने के लिए शिकार को किसी लिंक पर क्लिक करने या फाइल डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती. यह फोन में मौजूद iMessage और WhatsApp जैसे ऐप्स की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर चुपके से इंस्टॉल हो जाता है.
  2. पूरा कंट्रोल: एक बार डिवाइस में एंट्री करने के बाद, यह स्पाइवेयर फोन के माइक्रोफोन, कैमरा, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप/सिग्नल चैट, ईमेल, लोकेशन और कॉल रिकॉर्डिंग तक पहुंच बना लेता है.
  3. अनविजिबल: यह सिस्टम में बेहद गहराई में छिपकर काम करता है और इसे पहचान पाना या मिटाना सामान्य एंटीवायरस के बस की बात नहीं होती.

निशाने पर कौन होते हैं?

  • पत्रकार और मीडियाकर्मी
  • नागरिक अधिकार कार्यकर्ता (Civil Rights Activists)
  • विपक्षी राजनीतिज्ञ और सरकारी अधिकारी
  • वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता-शोधकर्ता

Apple का थ्रेट नोटिफ़िकेशन असल में क्या है?

अब बात करते हैं कि एप्पल थ्रेट नोटिफ़िकेशन की. इस नोटिफिकेशन का मकसद उन यूज़र्स को चेतावनी देना या मदद करना है, जिन्हें स्पाइवेयर हमलों के ज़रिए खास तौर पर टारगेट किया गया हो. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, Apple का कहना है कि इन हमलों को अंजाम देने में लाखों डॉलर का खर्च आता है और ये अक्सर ज़्यादा समय तक एक्टिव नहीं रहते, जिससे समय रहते इनका पता लगाना और इन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है. Apple का कहना है कि टारगेट किए जाने वाले, महंगे साइबर अटैक आमतौर पर सरकारी एजेंसियों या सरकारों के लिए मर्सिनरी स्पाइवेयर बनाने वाली प्राइवेट कंपनियों से जुड़े होते हैं. हालांकि बहुत कम लोग ही टारगेट होते हैं – आमतौर पर पत्रकार, एक्टिविस्ट, राजनेता और डिप्लोमैट – लेकिन ये हमले लगातार और दुनिया भर में हो रहे हैं.

अगर आपको Apple थ्रेट नोटिफ़िकेशन मिले तो क्या करें?

अगर आपको कभी ऐसा अलर्ट मिले, तो एप्पल अतिरिक्त गाइडेंस देता है. आपके अकाउंट और डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कदम उठाने की सलाह देता है, जिसमें ‘लॉकडाउन मोड’ चालू करना भी शामिल है. कंपनी मदद के लिए एक्सपर्ट ऑर्गनाइज़ेशन से संपर्क करने की भी सलाह देती है. जैसे कि नॉन-प्रॉफिट ‘एक्सेस नाउ’ (Access Now) की ‘डिजिटल सिक्योरिटी हेल्पलाइन’, जो 24 घंटे इमरजेंसी सिक्योरिटी सहायता देती है.

एप्पल यूजर्स के लिए सामान्य सिक्योरिटी टिप्स

  • हालांकि ज़्यादातर लोगों को कभी भी मर्सिनरी स्पाइवेयर का सामना नहीं करना पड़ेगा, फिर भी कुछ बेसिक साइबरसिक्योरिटी आदतों को अपनाना फायदेमंद है. पहली बात यह है कि अपने डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ़्टवेयर से अपडेट रखें ताकि आपको नए सिक्योरिटी पैच मिल सकें, और उन्हें पासकोड, फेस ID या टच ID से सुरक्षित रखें.
  • दूसरी सबसे ज़रूरी बात यह है कि अपने Apple अकाउंट के लिए स्ट्रॉन्ग पासवर्ड के साथ टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें और ज़्यादा सुरक्षा के लिए ‘स्टोलन डिवाइस प्रोटेक्शन’ (Stolen Device Protection) को इनेबल करें.
  • Apple थर्ड-पार्टी स्टोर से ऐप इंस्टॉल करने की परमिशन नहीं देता है, फिर भी पक्का करें कि आप ऐप सिर्फ़ App Store से ही डाउनलोड करें, अपने सभी अकाउंट के लिए मज़बूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करें, और जहां भी उपलब्ध हो, पासकी (passkeys) का इस्तेमाल करें.
  • आखिर में, अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें.

About the Author

रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एक्सप्लेनर/नॉलेज डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर …

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