X पर कैसे तय होती है पोस्ट की रैंकिंग? जानें टेक्नोलॉजी


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  • रैंकिंग एल्गोरिथम जुड़ाव, पहुंच और दर्शक प्रतिक्रिया पर आधारित।

X Algorithm: एलन मस्क का एक्स, जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, लोगों के बीच एक चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां लोग अपनी राय रखते हैं. लेकिन अक्सर देखा गया है कि एक्स पर कोई पोस्ट ज्यादा लोगों तक पहुंच जाता है तो कुछ पोस्ट ज्यादा रीच नहीं प्राप्त कर पाता है. लेकिन क्या आपने सोचा है कि एक्स पर किसी भी पोस्ट की रैंकिंग तय कैसे होती है. आइए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी.

कंपनी ने पेश किया नया सिस्टम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क की कंपनी X ने अपने रिकमेंडेशन सिस्टम को ट्रांसपरेंट करने को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. बता दें कि कंपनी ने एक ऐसा टूल भी पेश किया है जिसकी मदद से यूजर ये पता कर पाएंगे कि उनकी पोस्ट पर कोई ऐसा लेबल तो नहीं लगा हुआ है जो उनकी पोस्ट की रीच को डिस्टर्ब कर रहा है. इस नया टूल का मकसद यूजर्स को ये बताना है कि कोई भी पोस्ट कैसे रैंक करती है और कैसे किसी पोस्ट की विजिबिलिटी कम या ज्यादा हो जाती है.

कैसे काम करता है For You फीड?

जानकारी के मुताबिक, X ऐप खोलने पर डिफॉल्ट रूप से यूजर्स को For You टाइमलाइन दिखाई देता है जहां पर कई सारे पोस्ट मौजूद होते हैं. अब बता दें कि यहां सिर्फ ऐसे पोस्ट दिखाए जाते हैं जो यूजर के लिए ज्यादा जरूरी होते हैं. इसके पीछे प्लेटफॉर्म का पूरा सिस्टम काम करता है जो यूजर्स के लिए अलग-अलग पोस्ट तय करता है.

दरअसल, कंपनी ने कुछ नए कोड जारी किए हैं जिसमें मॉडल की कॉन्फिगरेशन, अलग-अलग फिल्टर और पोस्ट की रैंकिंग से जुड़े सिस्टम की जानकारी मिलती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये नया कोडबेस X के पिछले ओपन-सोर्स रिलीज कके मुकाबले में करीब 10 से 15 गुना बड़ा है.

इसमें कुछ ऐसे पैरामीटर भी शामिल किए गए हैं जिनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अलग-अलग सिग्नल को पोस्ट की रैंकिंग में कितना महत्व दिया जाता है.

X प्लेटफॉर्म पर किसी पोस्ट की रैंकिंग सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि उसे कितने लाइक मिले हैं. इसके पीछे एक पूरा रिकमेंडेशन एल्गोरिदम काम करता है, जो यह अनुमान लगाता है कि कौन-सी पोस्ट यूजर को सबसे ज्यादा पसंद आ सकती है.

X पर पोस्ट की रैंकिंग कैसे तय होती है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे पहले X का सिस्टम अलग-अलग पोस्ट को इकट्ठा करता है. इसके बाद एल्गोरिदम ये देखता है कि यूजर किन अकाउंट्स को फॉलो करता है, पहले किस तरह के पोस्ट पर रिएक्शन देता रहा है और किन टॉपिक्स में यूजर का इंट्रेस्ट है.

इसके बाद पोस्ट को कई आधार पर रैंक किया जाता है. लाइक, रिप्लाई, रीपोस्ट और पोस्ट पर होने वाली बातचीत अहम संकेत होते हैं. हालांकि केवल ज्यादा Engagement होने से पोस्ट को सबसे ऊपर जगह मिलना जरूरी नहीं होता है.

पोस्ट की शुरुआती पहुंच भी मायने रखती है

किसी पोस्ट को कितने लोगों ने देखा और शुरुआती दर्शकों ने उस पर कैसा रिएक्शन दिया है, ये भी सिस्टम के लिए काफी जरूरी संकेत होता है. अगर लोग पोस्ट को पढ़कर बातचीत करते हैं या उसे आगे शेयर करते हैं तो उसके ज्यादा लोगों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है.

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