- यह हॉटस्पॉट से भिन्न, फोन चार्ज करते हुए काम करता है।
USB Tethering: डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन के साथ-साथ इंटरनेट भी लोगों की जरूरत बन चुके हैं. अब लोग इंटरनेट के जरिए कई सारे काम ऑनलाइन ही कर लेते हैं जिससे उनका काफी समय भी बच जाता है. इसी के साथ ही अक्सर देखा गया है कि लोग लैपटॉप पर काम करते हैं तो कई बार वाई-फाई आस-पास नहीं होता है तो इसीलिए लोग मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन आपको बता दें कि इसके अलावा लोग USB Tethering की मदद से भी लोग लैपटॉप में आसानी से इंटरनेट चला सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है ये टेक्नोलॉजी.
क्या होता है USB Tethering
USB Tethering एक ऐसा फीचर है जिसके जरिए आप USB केबल की मदद से अपने स्मार्टफोन का मोबाइल डेटा सीधे लैपटॉप या कंप्यूटर तक पहुंचा सकते हैं. यानी आपका फोन इंटरनेट का सोर्स बन जाता है और USB केबल के जरिए डेटा ट्रांसफर होता है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें Wi-Fi सिग्नल की जरूरत नहीं पड़ती और इंटरनेट कनेक्शन ज्यादा स्टेबल रहता है.
USB Tethering कैसे काम करता है
आपको बता दें कि जब आप अपने फोन को USB केबल से लैपटॉप से कनेक्ट करते हैं और USB Tethering ऑन करते हैं तो फोन एक नेटवर्क एडॉप्टर की तरह काम करने लगता है. इसके बाद लैपटॉप मोबाइल डेटा का इस्तेमाल उसी तरह करने लगता है जैसे वह किसी ब्रॉडबैंड या Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट हो. ज्यादातर Android स्मार्टफोन में ये फीचर पहले से मौजूद होता है और इसे कुछ ही सेकंड में ऑन किया जा सकता है.
Android फोन में USB Tethering कैसे ऑन करें
अगर आप भी USB Tethering फीचर को ऑन करना चाहते हैं तो इन आसान सेट्प्स को अपना सकते हैं.
- अपने स्मार्टफोन को USB केबल से लैपटॉप से कनेक्ट करें.
- फोन की Settings खोलें.
- Network & Internet, Connections या Hotspot & Tethering सेक्शन में जाएं.
- USB Tethering ऑप्शन सर्च करें.
- इस ऑप्शन को On कर दें.
कुछ ही सेकंड में लैपटॉप इंटरनेट से कनेक्ट हो जाएगा.
आपको बता दें कि USB Tethering का ऑप्शन तभी एक्टिव होता है जब फोन USB केबल के जरिए किसी कंप्यूटर से जुड़ा हो.
USB Tethering और Mobile Hotspot में अंतर
आपको बता दें कि इन दोनों का मकसद मोबाइल डेटा शेयर करना ह लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग है. USB Tethering में USB केबल की जरूरत होती है. वहीं, Mobile Hotspot वायरलेस तरीके से इंटरनेट शेयर करता है. USB Tethering आमतौर पर ज्यादा स्टेबल और तेज कनेक्शन देता है.

वहीं, Mobile Hotspot से एक साथ कई डिवाइस कनेक्ट हो सकते हैं जबकि USB Tethering एक ही डिवाइस के लिए कारगर माना जाता है. Hotspot में फोन की बैटरी ज्यादा खर्च होती है जबकि USB Tethering के दौरान फोन चार्ज भी हो सकता है.
क्या हैं इसके फायदे
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि USB के जरिए डेटा ट्रांसफर होने से नेटवर्क ज्यादा स्टेबल रहता है. कमजोर Wi-Fi सिग्नल जैसी समस्या नहीं आती. इसके साथ ही Wi-Fi Hotspot लगातार वायरलेस सिग्नल भेजता है जिससे बैटरी तेजी से खत्म होती है.
USB Tethering में फोन लैपटॉप से चार्ज भी होता रहता है इसलिए बैटरी की चिंता कम रहती है. क्योंकि इंटरनेट केवल USB केबल के जरिए शेयर होता है इसलिए कोई दूसरा व्यक्ति आपके नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो सकता. इससे डेटा सुरक्षा भी बेहतर रहती है.
इतना ही नहीं इस फीचर को ऑन करने के लिए किसी एक्सट्रा ऐप या सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं पड़ती है.
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
USB Tethering का इस्तेमाल करने से पहले ये जरूर चेक करें कि आपके मोबाइल डेटा प्लान में भरपूर डेटा उपलब्ध हो. अच्छी क्वालिटी की USB केबल का इस्तेमाल करें क्योंकि खराब केबल की वजह से कनेक्शन में दिक्कत आ सकती है. इसके अलावा लैपटॉप में जरूरी USB ड्राइवर सही तरीके से इंस्टॉल होने चाहिए जिससे फोन आसानी से पहचान लिया जाए. इसीलिए आगे से अगर आप भी अपने मोबाइल में ज्यादा तेज और स्टेबल इंटरनेट चाहते हैं तो यूएसबी टीथरिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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