- यह तनाव घटाकर नींद और एकाग्रता बढ़ाता है।
Digital Detox: आज के समय में सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग एक्टिव रहते हैं. इसके अलावा लोगों में सुबह उठते ही फोन चेक करना, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चेक करना और हर कुछ मिनट में नोटिफिकेशन देखना आदत हो गई है. इन आदतों की वजह से लोगों में धीरे-धीरे थकान, मानकिस तनाव और नींद में कमी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं.
ऐसे में Digital Detox लोगों के बहुत काम आ सकता है जिसका मतलब होता है कि कुछ समय के लिए स्मार्टफोन से दूरी बना लेना. इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि आपको कई दिनों तक फोन से दूर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है. बस कुछ आदतों को बदलकर आप भी अपने आप को डिजिटली डिटॉकक्स कर सकते हैं.
क्या होता है Digital Detox?

दरअसल, Digital Detox का मतलब है कुछ समय के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कम करना या उनसे ब्रेक लेना. इसका मकसद टेक्नोलॉजी से पूरी तरह दूर होना नहीं होता है बल्कि उसका सही तरीके और समझदारी से इस्तेमाल करना है. बता दें कि इससे दिमाग को आराम मिलता है और काफी हद तक तनाव भी कम होता है.
तय करें किस समय करना है सोशल मीडिया का इस्तेमाल?
आपको बता दें कि अगर आपको भी सोशल मीडिया से होने वाली परेशानी से बचना है तो एक समय बनाना पड़ेगा. दिनभर बिना सोचे-समझे सोशल मीडिया खोलने के बजाय आपको इसके लिए एक निश्चित समय तय करना चाहिए. जैसे सुबह 20 मिनट और शाम को 20 मिनट. इससे आपका स्क्रीन टाइम भी कम होगा और समय की भी बचत होगी.
हमेशा हाथ में न रखें फोन
कई बार देखा गया है कि ज्यादातर लोग अपने स्मार्टफोन में हमेशा हाथों में पकड़े रहते हैं. इसीलिए बार-बार आपका ध्यान फोन पर ही जाता है. इसीलिए काम करते समय या पढ़ाई के दौरान फोन को थोड़ी दूरी पर रखें या Do Not Disturb मोड का इस्तेमाल करें. इससे आपका ध्यान बार-बार नहीं भटकेगा.
नोटिफिकेशन करें सीमित
इसके साथ ही हर कुछ मिनट में आने वाले नोटिफिकेशन लोगों का खूब ध्यान भटकाते हैं. इसीलिए जरूरी ऐप्स को छोड़कर बाकी सोशल मीडिया ऐप्स के नोटिफिकेशन को बंद करके रखना चाहिए. इससे बार-बार फोन देखने की आदत कम होगी और आप अपने काम पर बेहतर तरीके से फोकस कर पाएंगे.

सुबह उठते ही सोशल मीडिया न देखें
अक्सर देखा गया है कि बहुत से लोग आंख खुलते ही सोशल मीडिया स्क्रॉल करना शुरू कर देते हैं जिससे लोगों में तनाव पैदा होता है. इसीलिए सुबह उठते ही सोशल मीडिया देखने की जगह पर एक्सरसाइज, मेडिटेशन, किताब पढ़ने या परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहिए. इससे आपका मूड बेहतर रहेगा और अपना दिन ज्यादा पॉजिटिव तरीके से शुरू कर सकेंगे.
सोने से पहले स्क्रीन से बनाएं दूरी
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सोने से कम से कम 30 से 60 मिनट पहले फोन या टैबलेट का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. देर रात तक सोशल मीडिया देखने से नींद में कमी हो सकती है. बेहतर नींद के लिए स्क्रीन की बजाय कोई किताब पढ़ें या म्यूजिक सुन सकते हैं.
इसके साथ ही ऐसे पेज और अकाउंट जिन्हें देखकर केवल समय बर्बाद होता है या निगेटिव चीजें दिखती हैं तो उन्हें Unfollow या Mute करने में ही भलाई है. अपने सोशल मीडिया फीड में सिर्फ वही कंटेंट रखें जो आपके लिए फायदेमंद हों और आपको प्रेरणा और अच्छी जानकारी देते हों.
Screen Time फीचर का करें इस्तेमाल
आज कल के एडवांस स्मार्टफोन में स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करने के लिए भी एक खास फीचर दिया जाता है. आज लगभग सभी स्मार्टफोन में Screen Time या Digital Wellbeing जैसे फीचर मिलते हैं. इनकी मदद से आप ये देख सकते हैं कि किस ऐप पर कितना समय बिताया और जरूरत पड़ने पर उसके लिए डेली टाइम लीमिट भी तय कर सकते हैं.
सप्ताह में एक दिन रखें सोशल मीडिया फ्री
बता दें कि अगर पूरी तरह सोशल मीडिया छोड़ना मुश्किल लगता है तो शुरुआत में सप्ताह का एक दिन या कुछ घंटे सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने की कोशिश करें. ये छोटी-सी आदत भी आपको मानसिक शांति देने में मदद कर सकती है.
समय-समय पर Digital Detox को फॉलो करने से तनाव कम होता है, नींद बेहतर होती है, काम और पढ़ाई में फोकस बढ़ता है और परिवार व दोस्तों के साथ भी समय बिताने का मौका मिल जाता है.
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