- एक सोलर सिस्टम में अलग-अलग ब्रांड पैनल लगा सकते हैं।
- भिन्न पैनल से आउटपुट घटता, इन्वर्टर-कंट्रोलर पर दबाव आता।
- पोर्टेबल, ऑफ-ग्रिड सेटअप में भिन्न पैनल उपयोग कर सकते हैं।
- अधिकतम दक्षता वाले सिस्टम में भिन्न ब्रांड से बचें।
Solar Panel Guide: सोलर पैनल लगाते समय लगभग सभी लोग एक ही ब्रांड के पैनल यूज करते हैं. लेकिन कई बार सोलर सिस्टम एक्सपैंड करते लोगों को बेहतर ऑप्शन भी मिल जाते हैं. फिर उनके मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक ही सिस्टम में अलग-अलग कंपनियों को सोलर पैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इसका जवाब हां है, लेकिन आपको कई सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एक ही सोलर सिस्टम में अलग-अलग ब्रांड के पैनल लगाने से क्या होता है.
एक सिस्टम में अलग-अलग पैनल लगाने पर क्या होगा?
आप एक ही सोलर एनर्जी सिस्टम में अलग-अलग कंपनी के पैनल यूज कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना फायदे का सौदा नहीं होगा. असल में पैनल को यूनिवर्सली प्लग-एंड-प्ले के तौर पर डिजाइन नहीं किया जाता है. इसलिए अलग-अलग पैनल लगने से आउटपुट कम हो सकती है और कंट्रोलर और इन्वर्टर पर भी लोड बढ़ सकता है. इसके अलावा मेंटिनेंस से जुड़े दूसरे इश्यू आने का भी खतरा रहता है. अगर इसका दूसरा पहलू देखें तो अगर पैनल की वॉल्टेज, करंट और पावर आउटपुट एक समान है तो दिक्कत आने की संभावना कम होती है.
कब किए जा सकते हैं अलग-अलग कंपनी के पैनल यूज?
- कैंपरवैन, ऑफ-ग्रिड कैंपिंग जैसे पोर्टेबल और मोबाइल सोलर सेटअप में हर पैनल के लिए अलग-अलग चार्ज कंट्रोल का यूज होता है. इसमें आप अलग-अलग ब्रांड के पैनल इस्तेमाल कर सकते हैं.
- अगर आप अलग-अलग छत पर सेपरेट चार्ज कंट्रोलर के साथ पैनल लगा रहे हैं तो भी अलग-अलग पैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
इमरजेंसी या बैकअप के लिए ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम में भी यह तरीका काम आ जाएगा.
कब करनी चाहिए अलग-अलग कंपनी के पैनल से तौबा?
- अगर आप छत पर परमानेंट और बड़ा सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं तो इसमें एक ब्रांड के एक जैसे पैनल यूज करने चाहिए. ऐसे सिस्टम में आमतौर पर सिंगल इन्वर्टर यूज किया जाता है. ऐसे यहां अलग-अलग तरह के पैनल यूज करने से काम बिगड़ सकता है.
- अगर आप मैक्सिमम एफिशिंसी के लिए सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं तो अलग-अलग तरह के पैनल यूज करने की गलती न करें. ये पैनल आउटपुट को कम कर देंगे, जिससे सिस्टम लगवाने का आपका पूरा उद्देश्य ही बेकार हो जाएगा.
- अगर आपको अलग-अलग तरह के पैनल यूज भी करने पड़ें तो कोशिश करें कि उनके वॉटेज सेम हो. अगर इसमें ज्यादा अंतर पाया जाता है तो कम वॉट वाला पैनल ज्यादा कैपेसिटी वाले पैनल को भी ठीक तरीके से काम नहीं करने देगा.
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