आप और आपके दोस्त ने Google पर एक ही चीज सर्च की, फिर भी रिजल्ट अलग क्यों आए? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


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  • गूगल सर्च में रुचि के कारण परिणाम भिन्न होते हैं।
  • स्थान, सर्च हिस्ट्री भी परिणामों को बदल देती है।
  • डिवाइस, सेटिंग्स और AI सर्च को प्रभावित करते हैं।

Google Doodle: आज के समय में Google हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. किसी रेस्टोरेंट का पता ढूंढना हो मोबाइल खरीदने की जानकारी लेनी हो या फिर किसी सवाल का जवाब जानना हो हम सीधे Google का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि अगर आप और आपका दोस्त एक ही समय पर Google में बिल्कुल एक जैसा शब्द सर्च करें तब भी दोनों को अलग-अलग रिजल्ट दिखाई दे सकते हैं? सुनने में यह अजीब लग सकता है लेकिन इसके पीछे कई दिलचस्प कारण छिपे हैं.

Google हर यूजर को अलग तरह से समझता है

Google सिर्फ यह नहीं देखता कि आपने क्या सर्च किया है बल्कि यह भी समझने की कोशिश करता है कि आप कौन हैं और आपकी रुचियां क्या हैं. अगर आप अक्सर टेक्नोलॉजी से जुड़ी वेबसाइट्स देखते हैं और आपका दोस्त ट्रैवल से जुड़ी जानकारी खोजता है तो एक जैसे सर्च पर भी Google दोनों को अलग-अलग परिणाम दिखा सकता है.

इसे पर्सनलाइज्ड सर्च कहा जाता है. इसका उद्देश्य यूजर को वही जानकारी दिखाना है जो उसके लिए सबसे ज्यादा उपयोगी हो सकती है.

आपकी लोकेशन भी बदल देती है रिजल्ट

मान लीजिए आपने और आपके दोस्त ने cafes near me सर्च किया. अगर आप लखनऊ में हैं और आपका दोस्त दिल्ली में तो जाहिर है कि Google दोनों को अलग-अलग कैफे दिखाएगा.

यह सिर्फ कैफे या होटल तक सीमित नहीं है. कई बार सामान्य सर्च में भी Google आपकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर स्थानीय समाचार, व्यवसाय और सेवाओं को प्राथमिकता देता है.

सर्च हिस्ट्री का भी होता है बड़ा रोल

Google आपके पिछले सर्च और ब्राउज़िंग व्यवहार को याद रखता है. अगर आपने पहले किसी विषय से जुड़ी कई चीजें खोजी हैं तो अगली बार उसी विषय से संबंधित सर्च करने पर आपको ज्यादा प्रासंगिक रिजल्ट मिल सकते हैं. यही वजह है कि दो लोगों द्वारा किए गए एक जैसे सर्च के परिणाम पूरी तरह समान नहीं होते.

डिवाइस और सेटिंग्स भी डालती हैं असर

मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट पर किए गए सर्च के नतीजों में भी थोड़ा अंतर हो सकता है. इसके अलावा, भाषा सेटिंग, Google अकाउंट की प्राथमिकताएं और Safe Search जैसे ऑप्शन भी रिजल्ट को प्रभावित करते हैं.

यदि एक व्यक्ति हिंदी में कंटेंट देखना पसंद करता है और दूसरा अंग्रेजी में तो Google उसी हिसाब से परिणामों को प्राथमिकता देगा.

Google का AI भी करता है फैसला

आज Google पहले से कहीं ज्यादा AI का इस्तेमाल कर रहा है. उसका एल्गोरिद्म यह अनुमान लगाने की कोशिश करता है कि किसी यूजर को किस प्रकार की जानकारी सबसे अधिक उपयोगी लगेगी. इसलिए एक ही सर्च क्वेरी पर अलग-अलग लोगों को अलग-अलग वेबसाइट्स, वीडियो या समाचार दिखाई दे सकते हैं.

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