संभल में रमज़ान के 25वें रोज़े पर शब-ए-क़द्र मनाई गई। इस अवसर पर संभल की ऐतिहासिक शेर खाँ सराय स्थित लगभग एक हजार वर्ष पुरानी मस्जिद मियां मीरन शाह में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों रोज़ेदारों और अकीदतमंदों ने पूरी रात जागकर इबादत की और देश में अमन-चैन, भाईचारे तथा तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। शब-ए-क़द्र के महत्व को देखते हुए मस्जिद को रोशनी और सजावट से सजाया गया था, जिससे पूरे इलाके में आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान तरावीह की नमाज़ में कुरान पाक मुकम्मल किया गया। मौलाना शरीफ ने विशेष दुआ कराई, जिसमें देश की खुशहाली, समाज में आपसी भाईचारा और इंसानियत की भलाई के लिए अल्लाह से रहमत मांगी गई। रोज़ेदारों ने भी पूरी रात नमाज़, तिलावत और ज़िक्र में मशगूल रहकर इस पवित्र रात की बरकतें हासिल कीं।
इस अवसर पर मौलाना बरकत अली ने कुरान पाक की फ़ज़ीलत बयान की। उन्होंने कहा कि कुरान इंसानियत को सीधा रास्ता दिखाने वाली किताब है और रमज़ान का महीना अल्लाह की रहमतों और बरकतों का महीना होता है। उन्होंने लोगों से इस महीने में अधिक से अधिक इबादत करने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
महफिल में हाफिज मोहम्मद हनीफ आलम ने कुरान पाक की तिलावत की, जबकि हाफिज अदनान अशरफी ने नात-ए-पाक पेश कर आध्यात्मिक माहौल बनाया।
मस्जिद कमेटी के सदस्य सरफराज एडवोकेट ने बताया कि रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए इबादत, सब्र और नेकी का पैगाम लेकर आता है। इस दौरान मुसलमान रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं और देश की तरक्की, अमन-शांति तथा खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।
इस मौके पर इमाम फैज़ुल इस्लाम, रज़ा अहमद, लियाकत अली, हाजी हारिस इंजीनियर, रुवेद आलम उर्फ बबलू, तारिक मसूदी, इंतज़ार हुसैन, सादिक एडवोकेट, आशकार हुसैन, यासिर वारसी और बुरहान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद थे।