रायबरेली | उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को अपर मुख्य सचिव (पशुधन) मुकेश कुमार मेश्राम ने रायबरेली जिले के कई गौ आश्रय स्थलों का अचानक निरीक्षण किया।
उन्होंने वृहद गौ संरक्षण केंद्र बन्नावां, सेहगो खानपुर और अस्थायी गौ आश्रय स्थल असनी का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
चारा, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गौ आश्रय स्थलों में
- भूसा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है
- पशुओं के लिए पशुआहार की व्यवस्था ठीक है
- पूरे परिसर में साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई
इसके अलावा, गोवंशों को उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग रखा गया था—
👉 नवजात और दुधारू पशुओं के लिए अलग व्यवस्था
👉 बड़े गोवंशों के लिए अलग शेड
परिसर में पर्याप्त संख्या में शेड बने होने से पशुओं को राहत मिल रही है।
टैगिंग और वैक्सीनेशन पर जोर
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि
- सभी गोवंशों की टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए
- टैग के आधार पर वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जाए
- प्रत्येक पशु का जियो-टैग फोटो रिकॉर्ड तैयार किया जाए
उन्होंने स्थानीय स्तर पर चारा और भूसे के बाजार भाव की भी जानकारी ली, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।
गर्मी से बचाव के लिए विशेष निर्देश
आने वाली गर्मी और लू को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- शेड में जूट के पर्दे लगाए जाएं
- नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए
- पशुओं के लिए ठंडक की उचित व्यवस्था की जाए
बरसात से पहले वृक्षारोपण और जल निकासी की योजना
आगामी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए कि:
- परिसर में पीपल, बरगद, नीम, जामुन और गूलर जैसे छायादार पेड़ लगाए जाएं
- बाउंड्री के किनारे मेंहदी, जेट्रोफा, बोगनवेलिया, सुबबूल और करौंदा लगाए जाएं
साथ ही जलभराव की समस्या से बचने के लिए:
- मनरेगा के तहत मिट्टी भराई
- और खड़ंजा निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी,
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमेश चंद्र,
खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह सहित कई पशु चिकित्सक, ग्राम अधिकारी, प्रधान और गोसेवक मौजूद रहे।