रायबरेली : बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकास खंड राही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेला में शनिवार को ‘कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित हुआ, जिसमें नवजात बेटियों और उनके परिवारों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
7 नवजात बेटियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान महिला कल्याण विभाग की ओर से 7 नवजात बच्चियों को बेबी किट और मिठाई वितरित कर उनका स्वागत किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और देखभाल पर जोर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने उपस्थित लोगों को अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों को बेहतर इलाज, पौष्टिक भोजन, दवाएं और जननी सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने महिलाओं को प्रसव के बाद खुद और नवजात शिशु की देखभाल, स्वच्छता और पोषण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
कार्यक्रम में अभिभावकों को कन्या सुमंगला योजना के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई और उन्हें जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही योजना से जुड़े पम्पलेट भी वितरित किए गए।
महिलाओं के लिए अन्य योजनाओं की जानकारी
जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया, जिनमें शामिल हैं:
- निराश्रित महिला पेंशन योजना
- वृद्धा पेंशन योजना
- दिव्यांग पेंशन योजना
- प्रधानमंत्री सामूहिक विवाह योजना
- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।
महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
जेंडर स्पेशलिस्ट सुषमा कश्यप ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर और विभिन्न जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं इन नंबरों का सहारा ले सकती हैं:
- 181 (महिला हेल्पलाइन)
- 112 (आपातकालीन सेवा)
- 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन)
- 1090 (महिला सुरक्षा)
- 108 (एंबुलेंस सेवा)
- 1076 (जनसुनवाई हेल्पलाइन)
स्थानीय सहभागिता रही मजबूत
इस कार्यक्रम में बीसीपीएम, आशा वर्कर, स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर बेटियों के सम्मान और जागरूकता के इस अभियान को सफल बनाया।