अभिषेक मनु सिंघवी के कंप्यूटर की कीमत सिर्फ 163 रुपये क्यों? समझिए पूरी कहानी


Last Updated:

अभिषेक मनु सिंघवी के चुनावी हलफनामे में कंप्यूटर की कीमत करीब 163 रुपये दर्ज होने की चर्चा हो रही है. हालांकि, यह कंप्यूटर की असली कीमत नहीं बल्कि उसकी अकाउंटिंग के हिसाब से घटाई गई बुक वैल्यू है. कई साल पुराने सामान पर हर साल डेप्रिसिएशन दिखाया जाता है, जिससे समय के साथ उसकी कागजी कीमत बहुत कम हो जाती है.

ख़बरें फटाफट

अभिषेक मनु सिंघवी के कंप्यूटर की कीमत सिर्फ 163 रुपये क्यों? ये पूरी कहानीZoom

नई दिल्ली. हाल ही में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के चुनावी हलफनामे का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है. इसमें कंप्यूटर की कीमत करीब 163 रुपये दर्ज दिखाई दे रही है, जिसे देखकर कई लोगों को हैरानी हो रही है. लेकिन असल में यह कंप्यूटर की बाजार कीमत नहीं है. हलफनामे में दिखाई गई रकम उस कंप्यूटर की डेप्रिसिएशन के बाद की बुक वैल्यू होती है, जो कई साल पुराने उपकरणों के मामले में काफी कम रह जाती है.

हलफनामे में संपत्तियों की सूची में कंप्यूटर/लैपटॉप के सामने करीब 163 रुपये की वैल्यू दर्ज दिखाई देती है. पहली नजर में यह रकम बेहद कम लगती है और यही वजह है कि इस पर चर्चा शुरू हो गई. हालांकि यह रकम कंप्यूटर की वर्तमान बाजार कीमत नहीं बल्कि अकाउंटिंग के हिसाब से बची हुई कागजी वैल्यू होती है.

डेप्रिसिएशन क्या होता है

अकाउंटिंग में डेप्रिसिएशन का मतलब होता है किसी वस्तु की कीमत का समय के साथ कम होना. जैसे कोई कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदा जाता है तो हर साल उसकी कीमत का एक हिस्सा घटाया जाता है. मान लीजिए किसी ने कई साल पहले कंप्यूटर खरीदा था. हर साल उसकी कीमत का कुछ हिस्सा डेप्रिसिएशन के रूप में कम होता जाता है. कई साल बाद उसकी बुक वैल्यू बहुत कम रह जाती है.

क्यों 100 से 500 रुपये तक रह सकती है वैल्यू

अगर कोई कंप्यूटर काफी पुराना हो चुका है तो अकाउंटिंग में उसकी बुक वैल्यू बहुत कम हो सकती है. कई मामलों में यह 100 से 500 रुपये के बीच भी रह जाती है. यही वजह है कि हलफनामों में कभी कभी इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमत बहुत छोटी रकम के रूप में दिखाई देती है.

असली कीमत और बुक वैल्यू में अंतर

यह समझना जरूरी है कि बुक वैल्यू और बाजार कीमत अलग अलग चीजें होती हैं. किसी कंप्यूटर की असली कीमत हजारों या लाखों रुपये हो सकती है, लेकिन अगर वह कई साल पुराना है और उस पर लगातार डेप्रिसिएशन दिखाया गया है तो उसकी अकाउंटिंग वैल्यू कुछ सौ रुपये तक भी आ सकती है.

About the Author

Jai Thakur

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें



Source link

Leave a Comment