Iran-Israel War: ईरान का बड़ा बयान, ‘हमले बंद करो तभी होगी शांति’ – PM मोदी से बातचीत के बाद बढ़ा तनाव”

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर युद्ध रोकने के लिए अपनी स्पष्ट शर्तें सामने रख दी हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है, जब बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म हो।

ईरान का प्रस्ताव: बिना विदेशी दखल के बने क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के देशों को मिलकर एक मजबूत क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहिए। उनका मानना है कि बाहरी हस्तक्षेप ही इस क्षेत्र में अस्थिरता का सबसे बड़ा कारण है।

उन्होंने साफ किया कि अगर सभी देश मिलकर काम करें, तो शांति, सुरक्षा और स्थिरता को लंबे समय तक कायम रखा जा सकता है।

PM मोदी से बातचीत: बढ़ते तनाव पर भारत की चिंता

ईरानी राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने:

  • क्षेत्रीय सुरक्षा हालात
  • अंतरराष्ट्रीय तनाव
  • ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे

जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

पीएम मोदी ने इस दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताई और खास तौर पर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की। साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन (navigation) सुनिश्चित करने की अपील की।

ईरान की साफ शर्त: पहले रुके हमले, फिर होगी बातचीत

ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी प्राथमिक शर्तें भी दोहराईं:

  • अमेरिका और इजरायल तुरंत हमले बंद करें
  • भविष्य में ऐसे हमले न होने की गारंटी दें
  • क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाए

ईरान का कहना है कि इन शर्तों के बिना किसी भी तरह की शांति वार्ता संभव नहीं है।

अमेरिका के दावे पर ईरान का पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया था कि इस युद्ध का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।

हालांकि, ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। पेजेश्कियन ने कहा कि देश की सर्वोच्च नेतृत्व व्यवस्था पहले ही परमाणु हथियारों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपना चुकी है।

 कैसे बढ़ा संघर्ष? जानिए पूरी टाइमलाइन

  • 28 फरवरी को Tehran समेत कई शहरों पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले
  • हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ नागरिक ढांचे को भी नुकसान
  • जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए
  • इजरायल और मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकाने बने निशाना

इससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

 क्या खत्म हो सकता है युद्ध?

विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बेहद नाजुक हैं। अगर कूटनीतिक प्रयास तेज नहीं हुए, तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

हालांकि, ईरान की तरफ से बातचीत के संकेत यह बताते हैं कि शांति की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है

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