हकीकत में होंगी फिल्मी चीजें, अब आयरन मैन की तरह आपके इशारों से चलेगा कंप्यूटर


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Control PC Through Hand Gestures: लगातार एडवांस होती टेक्नोलॉजी फिल्मी चीजों को हकीकत में बदल रही है. आयरन मैन की तरह आप भी जल्द ही हाथ के इशारों से कंप्यूटर को कंट्रोल कर पाएंगे. इसके लिए न तो आपको माउस छूने की जरूरत होगी और न ही कीबोर्ड पर कोई बटन प्रेस करनी होगी. रिसर्चर ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है, जो आपकी स्मार्टवॉच की मदद कंप्यूटर को इशारों से कंट्रोल कर सकेगा. देखने में यह बिल्कुल फिल्मी लगता है, लेकिन अब यह हकीकत होने जा रहा है. आइए डिटेल में जानते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा. 

रिसर्चर ने तैयार किया यह सिस्टम

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और साउथ कोरिया की KAIST यूनिवर्सिटी ने मिलकर WatchHand नाम का एक सिस्टम बनाया है. यह किसी भी रेगुलर स्मार्टवॉच को हैंड-ट्रेकिंग डिवाइस में बदल देता है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी एक्स्ट्रा हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ती. यह टेक्नोलॉजी एआई-पावर्ड माइक्रो सोनार की मदद से रियल टाइम में हाथ के मूवमेंट और फिंगर पॉजिशन को रीड करती है.

स्मार्टवॉच की मदद से ऐसे होगा काम

किसी भी रेगुलर स्मार्टवॉट में स्पीकर और माइक्रोफोन बिल्ट-इन होते हैं. WatchHand इन दोनों की ही यूज करता है. यह सिस्टम स्मार्टवॉच के स्पीकर से कुछ साउंट वेव्स निकालेगा, जो हाथ से टकराकर वापस माइक्रोफोन तक पहुंचेगी. इससे एक यूनीक इको पैटर्न बनेगा. इस पैटर्न को रीड करने के लिए वॉच में एआई एल्गोरिदम लगा होगा. यह पैटर्न को रीड करते हुए हैंड पॉजिशन का 3D मैप तैयार कर लेगा. यह सब कुछ आपकी कलाई पर बंधी हुई वॉच पर ही होगा, इसलिए डेटा सिक्योरिटी को लेकर भी चिंता नहीं रहेगी.

इशारों से ऐसे कंट्रोल होगा सिस्टम

WatchHand के यूज की बात की जाए तो यह बहुत एक्साइटिंग लग सकता है. फिंगर को डबल टैप कर आप किसी भी गाने को स्किप कर सकते हैं. इसी तरह थोड़ा-सा हाथ हिलाकर आप बिना माउस या टचपैड को टच किए कर्सर को मूव कर पाएंगे. यह AR और VR में कंट्रोलर का भी काम कर सकता है. यह सिस्टम उन लोगों के लिए और भी फायदेमंद होगा, जो अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण ट्रेडिशनल इनपुट डिवाइस यूज नहीं कर पाते हैं. 

बस एक सॉफ्टवेयर अपडेट से बन जाएगी बात

WatchHand सिस्टम के लिए किसी भी महंगे सेटअप या नई स्मार्टवॉच की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिसर्चर का कहना है कि एक सॉफ्टवेयर अपडेट से यह फीचर लाखों स्मार्टवॉच पर रोल आउट किया जा सकता है. हालांकि, इस सिस्टम की कुछ लिमिटेशन भी हैं. अभी यह केवल एंड्रॉयड स्मार्टवॉच के साथ काम करता है. इसके अलावा जब इसे चलते हुए यूज किया जाता है तो यह ठीक तरीके से काम नहीं करता.

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