स्मार्टफोन पर बढ़ा खतरा! जानें कितना सेफ है आपका डेटा, रिपोर्ट में खुलासा


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  • कार्यालय और व्यक्तिगत डेटा फोन पर, बढ़ा साइबर जोखिम।

Smartphone Data Privacy: स्मार्टफोन ने लोगों के काम करने के तरीके को काफी हद तक आसान बनाने का काम किया है. लेकिन इसी के साथ ही लोगों की डेटा प्राइवेसी की चिंताएं भी बढ़ी हैं. बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ-साथ साइबर अपराधी भी काफी नए तरीकों से लोगों को ठगने का काम करते हैं. साथ ही साइबर हमले के मामले भी काफी तेज हो चुके हैं जिससे लोगों की प्राइवेसी पर भी खतरा बना रहता है. इसी कड़ी में बता दें कि अगर स्मार्टफोन खो जाए या हैक हो जाए तो सिर्फ एक डिवाइस नहीं बल्कि आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में पड़ सकती है.

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky की एशिया-प्रशांत (APAC) सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में स्मार्टफोन तेजी से डिजिटल वॉल्ट यानी डिजिटल तिजोरी बनते जा रहे हैं. हालांकि, इनके बढ़ते इस्तेमाल के मुकाबले सुरक्षा के तरीके उतनी तेजी से मजबूत नहीं हो पाए हैं.

इन कारणों से बढ़ रहा खतरा

आपको बता दें कि आज ज्यादातर लोग ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, डिजिटल वॉलेट और शॉपिंग के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में फोन में बैंक से जुड़ी जानकारी भी सेव रहती हैं. रिपोर्ट बताती है कि करीब 38 प्रतिशत भारतीय यूजर्स अपने फोन में बैंकिंग डिटेल्स रखते हैं जबकि 34 प्रतिशत लोग पासवर्ड या लॉगिन क्रेडेंशियल भी मोबाइल में सेव कर लेते हैं. यही वजह है कि साइबर अपराधी अब स्मार्टफोन को हमला करने के लिए सबसे आसान निशाना मान रहे हैं.

स्मार्टफोन पर बढ़ा खतरा! जानें कितना सेफ है आपका डेटा, रिपोर्ट में खुलासा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में Rewardsteal और Thamera जैसे मालवेयर नकली कैशबैक, इनाम और ऑफर देने वाले ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. कई यूजर्स बिना सोचे-समझे ऐप्स को जरूरी परमिशन दे देते हैं जिससे उनका डेटा खतरे में पड़ जाता है.

देश में सबसे बड़ा साथी स्मार्टफोन

रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लगभग 60 प्रतिशत लोग इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए सबसे ज्यादा स्मार्टफोन पर निर्भर हैं. बता दें कि पहले लोग जानकारियों को लैपटॉप, फाइल या डायरी में रखते थे. लेकिन स्मार्टफोन के जमाने में लोग अब अपनी ज्यादातर जानकारी डिवाइस में ही सेव करके रखते हैं. सर्वे के अनुसार भारतीय यूजर्स अपने स्मार्टफोन में बहुत ज्यादा प्राइवेट जानकारी स्टोर करके रखते हैं जिससे उब डेटा लीक का खतरा काफी बढ़ गया है.

ऑफिस का काम भी अब मोबाइल पर

बताते चलें कि स्मार्टफोन अब सिर्फ पर्सनल यूज तक ही सीमित नहीं रह गया है. लोग अब इसे ऑफिस काम के लिए भी काफी इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग अपने मोबाइल से ऑफिस ईमेल पढ़ते हैं, फाइलें एक्सेस करते हैं और कंपनी के सिस्टम में लॉगिन करते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 48 प्रतिशत भारतीय यूजर्स अपने फोन में ऑफिस ईमेल रखते हैं जबकि 27 प्रतिशत लोग सीधे मोबाइल से ऑफिस नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में अगर फोन हैक हो जाए तो पर्सनल डेटा के साथ-साथ कंपनी की प्राइवेट जानकारी भी लीक हो सकती है.

सोशल मीडिया भी बढ़ा रहे जोखिम

दरअसल, स्मार्टफोन में केवल जरूरी डॉक्यूमेंट्स ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया अकाउंट, चैट हिस्ट्री, म्यूजिक, फिल्में, ई-बुक्स और गेमिंग अकाउंट भी मौजूद रहते हैं. यानी एक ही डिवाइस में यूजर की आर्थिक, सामाजिक, नौकरी और पर्सनल जिंदगी से जुड़ी लगभग हर जानकारी मौजूद होती है. यही कारण है कि साइबर अपराधियों के लिए स्मार्टफोन सबसे आसान टार्गेट बन चुका है.

स्मार्टफोन पर बढ़ा खतरा! जानें कितना सेफ है आपका डेटा, रिपोर्ट में खुलासा

कैसे रखें अपने स्मार्टफोन को सुरक्षित

वैसे तो ज्यादातर स्मार्टफोन आज के समय में डिजिटल वॉल्ट बन चुके हैं. लेकिन फिर भी आप कुछ जरूरी चीजों का ध्यान में रखकर अपने फोन को सुरक्षित कर सकते हैं.

  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें.
  • किसी भी ऐप को बिना जरूरत एक्सट्रा परमिशन न दें.
  • पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी सुरक्षित पासवर्ड मैनेजर में रखें.
  • फोन का समय-समय पर बैकअप लेते रहें.
  • स्क्रीन लॉक, बायोमेट्रिक सेफ्टी और Find My Device जैसे फीचर हमेशा ऑन रखें.
  • भरोसेमंद मोबाइल सिक्योरिटी ऐप का इस्तेमाल करें और फोन को समय-समय पर अपडेट करते रहें.

स्मार्टफोन अब सिर्फ एक गैजेट नहीं बल्कि हमारी पूरी डिजिटल पहचान का सेंटर बन चुका है. इसमें बैंक से जुड़ी जानकारी, पहचान पत्र, ऑफिस डेटा, पर्सनल मूमेंट्स और AI चैट्स तक सुरक्षित रहती हैं. इसलिए मोबाइल सेफ्टी को हल्के में लेना लोगों के लिए एक बड़ी गलती साबित हो सकती है.

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